{"_id":"5d9814028ebc3e0181672f73","slug":"jaishankar-take-jibe-on-pakistan-and-says-we-have-good-relations-with-every-neighbour-excluding-one","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना नाम लिए जयशंकर का पाक पर निशाना, कहा- एक को छोड़कर सबसे भारत के अच्छे रिश्ते","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
बिना नाम लिए जयशंकर का पाक पर निशाना, कहा- एक को छोड़कर सबसे भारत के अच्छे रिश्ते
Sat, 05 Oct 2019 09:24 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 05 Oct 2019 09:24 AM IST
विज्ञापन
एस जयशंकर
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए उसे खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने कहा कि भारत का एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है। विदेश मंत्री ने यह टिप्पणी भारत आर्थिक मंच के सत्र के दौरान पाकिस्तान और पड़ोसी देशों को लेकर की।
विज्ञापन
एस जयशंकर ने अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की कोशिशों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बिना पाकिस्तान का लिए बिना कहा, ‘एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है।’ उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बैठक में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने का मुद्दा सामने नहीं आया।
विज्ञापन
जब उनसे पूछा गया कि उस एक के साथ क्या गतिरोध बना रहेगा तो उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि एक दिन वह क्षेत्रीय सहयोग में शामिल होगा। विदेश मंत्री ने कहा, ‘आप एक पल के लिए कश्मीर को अलग रख दें। आज हर किसी के साथ व्यापार, व्यवसाय और संपर्क बढ़ रहे हैं। निश्चित रूप से, किसी न किसी स्तर पर, इसका प्रभाव पड़ेगा क्योंकि आप हर किसी को उस सहयोग से समृद्ध होते देखेंगे।’
विज्ञापन
विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोरगे ब्रेंडे के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘स्थिति बदलने पर कई लोगों के लिए यह स्वाभाविक बात है। शायद ही किसी को यह एहसास था कि यह (अनुच्छेद 370) संविधान में एक अस्थायी व्यवस्था थी और इसके कारण जम्मू-कश्मीर राज्य में कई राष्ट्रीय कानून लागू नहीं होते थे। ये सब उनके लिए नई बातें थीं।’
जयशंकर ने कहा, ‘मैं हमेशा आशान्वित रहता हूं। मैं जानता हूं कि हमारे समक्ष बड़ी चुनौतियां है। उनके (पाकिस्तान) साथ समझ की समस्या है जिससे उन्हें बाहर निकलना होगा।’ जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत के मामले में राष्ट्रवाद एक नकारात्मक भावना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘भारत एक अपवाद है क्योंकि हम अधिक राष्ट्रवादी हैं, किंतु साथ ही हम राष्ट्रीयवादी और अंतरराष्ट्रीय होने के बीच इस दृष्टि से कोई तनाव नहीं देखते है कि विश्व के साथ अधिक संपर्क बढ़ाया जाए। लिहाजा राष्ट्रीयता हमारे लिए कोई नकारात्मक भावना नहीं है।’