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मॉरीशस: देश के विपक्षी नेताओं समेत कई दिग्गजों से मिले जयशंकर, कहा- विशेष साझेदारी के लिए विपक्ष का साथ अहम
Wed, 17 Jul 2024 07:03 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉरीशस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉरीशस
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 17 Jul 2024 07:03 PM IST
सार
तीसरी बार देश के विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार एस जयशंकर मंगलवार को दो दिनी दौरे पर मॉरीशस पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि मॉरीशस के साथ हमारा गहरा और मजबूत संबंध है। साथ ही यह मुलाकात मॉरीशस के साथ भारत की अटूट प्रतिबद्धता को साबित करने का अवसर है।
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मॉरीशस में नेता विपक्ष अरविन बूलेल और पूर्व प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से मुलाकात करते विदेश मंत्री
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अपने दो दिवसीय दौरे के तहत मॉरीशस के राजनेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्वीपीय राष्ट्र मॉरीशस और भारत के बीच मजबूत संबंध और विशेष साझेदारी को बेहतर करने पर चर्चा की। मॉरीशस के नेता विपक्ष अरविन बूलेल से मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस द्विपक्षीय संबंध की मजबूती के लिए विपक्ष का समर्थन काफी अहमियत रखता है। इसके अलावा विदेश मंत्री ने मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व उप प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की।
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नेता विपक्ष अरविन बूलेल से की चर्चा
तीसरी बार देश के विदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार एस जयशंकर मंगलवार को दो दिनी दौरे पर मॉरीशस पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि मॉरीशस के साथ हमारा गहरा और मजबूत संबंध है। साथ ही यह मुलाकात मॉरीशस के साथ भारत की अटूट प्रतिबद्धता को साबित करने का अवसर है। बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉरीशस के नेता विपक्ष अरविन बूलेल के साथ भारत-मॉरीशस के बीच साझेदारी के महत्व और राष्ट्र के लिए इसके लाभ पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया कि द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने के लिए विपक्ष के समर्थन का स्वागत है। बता दें कि बूलेल का जन्म पोर्ट लुईस में एक आर्य समाजी इंडो-मॉरीशियन परिवार में हुआ था। उनके पिता सैटकैम बूलेल लेबर पार्टी के पूर्व नेता और मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री रहे हैं।
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पूर्व प्रधानमंत्री पॉल बेरेंगर से वैश्विक मुद्दों पर की बात
इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौरिसियन सोशल डेमोक्रेट पार्टी के नेता ज़ेवियर ल्युक डुवस से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि भारत और मॉरीशस साझेदारी को मजबूत करने के लिए अच्छे विचारों पर चर्चा की गई। इसके अलावा उन्होंने मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री पॉल बेरेंगर और नवीन रामगुलाम से भी भेंट की। जयशंकर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पॉल बेरेंगर से अच्छी मुलाकात और वैश्विक मुद्दों पर बात की। भारत-मॉरीशस संबंधों के लिए उनका सहयोग काफी अहम है। पॉल बेरेंगर 2003 से 2005 तक मॉरीशस के प्रधानमंत्री रहे।
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भारत-मॉरीशस संबंधों में सहयोग के लिए जताया आभार
वहीं बुधवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों और इसके विकास पर चर्चा की। भारत-मॉरीशस संबंधों में सहयोग के लिए आभार। बता दें कि रामगुलाम के पूर्वज बिहार से मॉरीशस चले गए थे। वे पहली बार 1995 में पहली बार मॉरीशस के प्रधानमंत्री बने और सितंबर 2000 तक इस पद पर रहे। इसके बाद पांच जुलाई को 2005 को दोबारा मॉरीशस के प्रधानमंत्री चुने गए। 2014 तक उन्होंने यह पद संभाला।