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US: जयशंकर बोले- चुनौतियों का सामना कर रहे विकासशील देश, बहुपक्षवाद की ओर रुख करें वैश्विक दक्षिण

Wed, 24 Sep 2025 08:44 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 24 Sep 2025 08:44 AM IST
सार

US: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में वैश्विक दक्षिण के देशों की बैठक में कहा कि दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, जो विकासशील देशों के लिए खास तौर पर चिंता का कारण है। उन्होंने कोरोना महामारी, युद्ध, जलवायु संकट और आर्थिक अस्थिरता को मौजूदा समय की चुनौतियां बताया। जयशंकर ने कहा कि ऐसे समय में बहुपक्षवाद ही समाधान है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं आज खुद संकट में हैं और सुधार की सख्त जरूरत है।

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Jaishankar At High-Level Meeting of Like-Minded Global South Countries in New York
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : एक्स/एएनआई/वीडियो ग्रैब

विस्तार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में समान विचारधारा वाले वैश्विक दक्षिण के देशों की उच्च-स्तरीय बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, हम ऐसे अनिश्चित समय में मिल रहे हैं, जब विश्व की स्थिति सदस्य देशों के लिए बढ़ती चिंता का विषय है। वैश्विक दक्षिण, खासतौर से कई चुनौतियों का सामना कर रहा है जो इस दशक के पूर्वार्ध में और बढ़ गई हैं। इनमें कोरोना महामारी के झटके, यूक्रेन और गाजा में दो बड़े संघर्ष, चरम जलवायु घटनाएं, व्यापार में अस्थिरता, निवेश प्रवाह और ब्याज दरों में अनिश्चितता और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के एजेंडे में विनाशकारी मंदी शामिल हैं। सबसे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में विकासशील देशों के अधिकार और अपेक्षाएं कई दशकों की इतनी मेहनत से विकसित हुए हैं,  जो आज चुनौती का सामना कर रही हैं।
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जयशंकर ने कहा, बढ़ती चिंताओं और जोखिमों की बहुलता को देखते हुए, यह स्वाभाविक है कि वैश्विक दक्षिणी देश समाधान के लिए बहुपक्षवाद की ओर रुख करें। दुर्भाग्य से, वहां भी हमारे सामने एक बेहद निराशाजनक स्थिति है। बहुपक्षवाद की अवधारणा ही खतरे में है। अंतरराष्ट्रीय संगठन अप्रभावी हो रहे हैं या संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। समकालीन व्यवस्था की नींव टूटने लगी है और बेहद सुधारों में देरी का कारण आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
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