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Gaza War: IDF के हमले में मारे गए 20 से अधिक फलस्तीनी, भूख से संघर्ष के बीच मौत का तांडव; अब तक 60 हजार+ मौतें
Sun, 03 Aug 2025 06:02 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दीर अल-बलाह।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दीर अल-बलाह।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 03 Aug 2025 06:02 PM IST
सार
Gaza: गाजा में राहत केंद्रों पर खाना लेने पहुंचे लोगों पर इस्राइली सेना ने कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसमें 23 फलस्तीनी मारे गए। संयुक्त राष्ट्र और गाजा के अस्पतालों के मुताबिक, ऐसे हमलों में सैकड़ों लोग अब तक मारे जा चुके हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 60 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं।
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गाजा
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
गाजा पट्टी में खाने की तलाश में निकले लोगों पर इस्राइली सेना ने कथित तौर पर गोलियां चला दीं। इसमें 23 फलस्तीनियों की मौत हो गई। भीड़ में शामिल लोग भूख से परेशान थे और जैसे ही वे राहत केंद्रों के पास पहुंचे, गोलीबारी शुरू हो गई। अस्पताल के अधिकारियों और चश्मदीदों ने यह जानकारी दी।
गाजा में 20 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं और यहां भुखमरी जैसी स्थिति है। विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि इस्राइल की नाकाबंदी और लंबे समय से जारी हमलों के कारण यह इलाका अकाल की कगार पर है।
यूसुफ आबेद भी खाना लेने गए थे, उन्होंने कहा कि वहां अचानक गोलियां चलने लगीं। उन्होंने देखा कि कम से कम तीन लोग जमीन पर खून में लथपथ पड़े हैं। उन्होंने कहा, मैं मदद भी नहीं कर सका, क्योंकि लगातार गोलियां चल रही थीं। दक्षिण गाजा के नासिर अस्पताल ने बताया कि कई राहत केंद्रों के पास से शव लाए गए। इनमें से आठ शव तेइना नाम की जगह से आए, जो खान यूनुस के पास है। खान यूनुस में गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (गाजी ह्यूमैनिटैरियन फाउंडेशन) का राहत केंद्र है। यह फाउंडेशन अमेरिका और इस्राइल द्वारा समर्थित है और दो महीने से गाजा में राहत बांट रहा है।
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अस्पताल ने यह भी बताया कि उसे शाकूश नाम की जगह से एक और शव मिला है। यह रफाह के पास स्थित एक अलग राहत केंद्र से कुछ दूरी पर है। इसके अलावा मोराग नाम की जगह पर भी इस्राइली सैनिकों ने राहत के इंतजार में बैठे लोगों पर गोलियां चलाईं, जिससे नौ और लोगों की मौत हो गई।
तीन चश्मदीदों ने एपी को बताया कि गोलियां राहत केंद्रों की ओर जाते समय चलीं। ये केंद्र ऐसे इलाकों में हैं, जो इस्राइली सैनिकों के नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग राहत पाने के लिए आगे बढ़े, तो सैनिकों ने गोलीबारी शुरू कर दी। गाजा के उत्तरी हिस्से में भी यही हालात हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि जीएचएफ के एक और राहत केंद्र के पास भीड़ पर रविवार सुबह गोलीबारी की गई।
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ ICT में मुकदमा शुरू, अंतरिम सरकार बोली- शेख हसीना सभी अपराधों की जड़
एक व्यक्ति हमजा ने बताया, सैनिक लोगों को आगे बढ़ने से रोकना चाह रहे थे। जैसे ही हम बढ़े, उन्होंने गोली चला दी। हम भाग गए, लेकिन कुछ लोग घायल हो गए। औदा अस्पताल ने बताया कि नेटजारिम कॉरिडोर के पास जीएचएफ राहत केंद्र पर 5 लोग मारे गए और 27 घायल हुए।
कई चश्मदीदों ने बताया कि हाल के दिनों में भी राहत के लिए गए लोगों पर गोलियां चलाई गई हैं और दर्जनों लोग मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि 27 मई से 31 जुलाई तक जीएचएफ राहत केंद्रों के पास 859 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग यूएन राहत ट्रकों के रास्तों पर मारे गए।
सात अक्तूबर 2023 को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 60 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। हमास के हमले में 1200 से अधिक इस्राइली और इस्राइली-अमेरिकी मारे गए थे और ढाई से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था। इन बंधकों में से कई लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ को समझौते के तहत रिहा किया गया और कुछ अभी भी हमास के कब्जे में हैं।
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गाजा में 20 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं और यहां भुखमरी जैसी स्थिति है। विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि इस्राइल की नाकाबंदी और लंबे समय से जारी हमलों के कारण यह इलाका अकाल की कगार पर है।
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यूसुफ आबेद भी खाना लेने गए थे, उन्होंने कहा कि वहां अचानक गोलियां चलने लगीं। उन्होंने देखा कि कम से कम तीन लोग जमीन पर खून में लथपथ पड़े हैं। उन्होंने कहा, मैं मदद भी नहीं कर सका, क्योंकि लगातार गोलियां चल रही थीं। दक्षिण गाजा के नासिर अस्पताल ने बताया कि कई राहत केंद्रों के पास से शव लाए गए। इनमें से आठ शव तेइना नाम की जगह से आए, जो खान यूनुस के पास है। खान यूनुस में गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (गाजी ह्यूमैनिटैरियन फाउंडेशन) का राहत केंद्र है। यह फाउंडेशन अमेरिका और इस्राइल द्वारा समर्थित है और दो महीने से गाजा में राहत बांट रहा है।
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अस्पताल ने यह भी बताया कि उसे शाकूश नाम की जगह से एक और शव मिला है। यह रफाह के पास स्थित एक अलग राहत केंद्र से कुछ दूरी पर है। इसके अलावा मोराग नाम की जगह पर भी इस्राइली सैनिकों ने राहत के इंतजार में बैठे लोगों पर गोलियां चलाईं, जिससे नौ और लोगों की मौत हो गई।
तीन चश्मदीदों ने एपी को बताया कि गोलियां राहत केंद्रों की ओर जाते समय चलीं। ये केंद्र ऐसे इलाकों में हैं, जो इस्राइली सैनिकों के नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग राहत पाने के लिए आगे बढ़े, तो सैनिकों ने गोलीबारी शुरू कर दी। गाजा के उत्तरी हिस्से में भी यही हालात हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि जीएचएफ के एक और राहत केंद्र के पास भीड़ पर रविवार सुबह गोलीबारी की गई।
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एक व्यक्ति हमजा ने बताया, सैनिक लोगों को आगे बढ़ने से रोकना चाह रहे थे। जैसे ही हम बढ़े, उन्होंने गोली चला दी। हम भाग गए, लेकिन कुछ लोग घायल हो गए। औदा अस्पताल ने बताया कि नेटजारिम कॉरिडोर के पास जीएचएफ राहत केंद्र पर 5 लोग मारे गए और 27 घायल हुए।
कई चश्मदीदों ने बताया कि हाल के दिनों में भी राहत के लिए गए लोगों पर गोलियां चलाई गई हैं और दर्जनों लोग मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि 27 मई से 31 जुलाई तक जीएचएफ राहत केंद्रों के पास 859 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग यूएन राहत ट्रकों के रास्तों पर मारे गए।
सात अक्तूबर 2023 को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 60 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। हमास के हमले में 1200 से अधिक इस्राइली और इस्राइली-अमेरिकी मारे गए थे और ढाई से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था। इन बंधकों में से कई लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ को समझौते के तहत रिहा किया गया और कुछ अभी भी हमास के कब्जे में हैं।