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Pakistan: पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का किया समर्थन, दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर
Sun, 03 Aug 2025 05:16 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 03 Aug 2025 05:16 PM IST
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ
- फोटो : एक्स/शहबाज शरीफ
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पाकिस्तान ने रविवार को कहा कि वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु क्षमता विकसित करने के ईरान के अधिकार का समर्थन करता है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाकात की।
दोनों नेताओं की बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का अधिकार है। यही मुद्दा हाल ही में ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव की जड़ बना हुआ है। प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा, पाकिस्तान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा हासिल करने के ईरान के अधिकार के साथ खड़ा है।
ये भी पढ़ें: पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ ICT में मुकदमा शुरू, अंतरिम सरकार बोली- शेख हसीना सभी अपराधों की जड़
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शरीफ का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा दे रखा है और वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आपत्ति जता रहा है। जून महीने में इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कुछ अहम परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ अपना सहयोग रोक दिया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ ने ईरान के खिलाफ इस्राइली हमलों की निंदा की और कहा कि ईरान को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने गाजा में इस्राइल की कार्रवाइयों की भी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से मुस्लिम देशों से अपील की कि वे वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान दें।
ये भी पढ़ें: यूक्रेन के परमाणु केंद्र पर हमला, अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी का दावा- धमाके के बाद धुंआ उठता देखा
शरीफ ने बताया कि दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और ईरान का लक्ष्य सालाना 10 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार करना है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की और सीमा पर उग्रवाद से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अपने बयान में कहा कि दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं। इनमें एक मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ा भी है, जिसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। पाकिस्तान की सरकारी 'रेडियो पाकिस्तान' के अनुसार, प्रधानमंत्री शरीफ और राष्ट्रपति पेजेश्कियन की मौजूदगी में दोनों देशों ने 12 समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इनमें व्यापार, कृषि, विज्ञान, तकनीक और नवाचार, सूचना और संचार, संस्कृति, कला, पर्यटन, जलवायु और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
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दोनों नेताओं की बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल का अधिकार है। यही मुद्दा हाल ही में ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव की जड़ बना हुआ है। प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा, पाकिस्तान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा हासिल करने के ईरान के अधिकार के साथ खड़ा है।
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शरीफ का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा दे रखा है और वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आपत्ति जता रहा है। जून महीने में इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कुछ अहम परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ अपना सहयोग रोक दिया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ ने ईरान के खिलाफ इस्राइली हमलों की निंदा की और कहा कि ईरान को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने गाजा में इस्राइल की कार्रवाइयों की भी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से मुस्लिम देशों से अपील की कि वे वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान दें।
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शरीफ ने बताया कि दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और ईरान का लक्ष्य सालाना 10 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार करना है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की और सीमा पर उग्रवाद से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अपने बयान में कहा कि दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं। इनमें एक मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ा भी है, जिसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। पाकिस्तान की सरकारी 'रेडियो पाकिस्तान' के अनुसार, प्रधानमंत्री शरीफ और राष्ट्रपति पेजेश्कियन की मौजूदगी में दोनों देशों ने 12 समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इनमें व्यापार, कृषि, विज्ञान, तकनीक और नवाचार, सूचना और संचार, संस्कृति, कला, पर्यटन, जलवायु और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।