{"_id":"68198460aa8e161ae00bd026","slug":"israeli-cabinet-refuses-to-investigate-hamas-attacks-opposition-leaders-surround-netanyahu-government-2025-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Israel: हमास के हमलों की जांच कराने से इस्राइली कैबिनेट का इनकार, विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू सरकार को घेरा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Israel: हमास के हमलों की जांच कराने से इस्राइली कैबिनेट का इनकार, विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू सरकार को घेरा
Tue, 06 May 2025 09:09 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 06 May 2025 09:09 AM IST
सार
सात अक्टूबर को गाजा सीमा के पास इस्राइली समुदायों पर हमास के हमलों में कम से कम 1,180 लोग मारे गए और 252 इजरायली और विदेशी बंधक बनाए गए। विपक्ष हमास के हमलों की जांच की मांग कर रहा है। मगर नेतन्याहू सरकार ने जांच कराने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन
बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : एएनआई
विस्तार
इस्राइल पर सात अक्तूबर 2023 को हुए हमास के हमलों की जांच की मांग को इस्राइली कैबिनेट ने खारिज कर दिया है। कैबिनेट ने हमलों की जांच के लिए राज्य आयोग गठित न करने की बात कही है। इसे लेकर विपक्षी नेताओं ने नेतन्याहू सरकार को घेरा है।
विज्ञापन
विपक्षी नेता और पूर्व पीएम यायर लैपिड ने कहा कि जांच आयोग गठित न करने का सीधा अर्थ यह है कि सात अक्तूबर जैसी घटना बार-बार होगी। अगर जांच नहीं की जाती है तो यह कभी पता नहीं लग पाएगा कि हमास के हमलों के पीछे का कारण क्या था? हम इससे सबक नहीं ले पाएंगे और ऐसा दोबारा न हो इसके लिए कोई उपाय भी नहीं कर सकेंगे। नेतन्याहू ने मेरोन आपदा और पनडुब्बी मामले में राज्य जांच समिति की स्थापना को भी रोकने की कोशिश की। इस बार भी राज्य जांच समिति स्थापित की जाएगी।
विज्ञापन
वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जांच की मांग का विरोध करते हुए कहा कि यह राजनीतिक रूप से पक्षपाती जांच का विरोध करते हैं। आलोचकों ने नेतन्याहू पर जांच में देरी करने और इसके अधिकार क्षेत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। विपक्षी सांसद बेनी गैंट्ज़ ने कहा कि जनता मूर्ख नहीं है। राज्य जांच आयोग गठित न किए जाने का एकमात्र कारण जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है। यदि आप ऐसा नहीं करने जा रहे हैं, तो कम से कम हमें शर्मनाक बहाने से तो बचिए।
विज्ञापन
हालांकि सेना और इस्राइल ने हमास के हमलों को लेकर जांच पूरी कर ली है। इसकी रिपोर्ट में खुफिया जानकारी की कमी और कमान के मुद्दों को हमले का जिम्मेदार बताया।
ये भी पढ़ें: बंद कमरे में हुई बैठक में भी गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, भारत की गैर-मौजूदगी के बीच यूएनएससी में भी किरकिरी
हाईकोर्ट ने मांगा था जवाब
बंधकों के परिवारों और पूर्व नेसेट सदस्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके हमास के हमलों की जांच की मांग की थी। इसके जवाब में हाईकोर्ट ने फरवरी में सरकार को 11 मई तक जांच को लेकर जवाब देने का आदेश दिया था। बताया जा रहा है कि नेतन्याहू मंत्रिमंडल जांच को मंजूरी देने से पहले जांच आयोगों की नियुक्ति के तरीके में परिवर्तन चाहता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य जांच आयोगों के पास गवाहों को बुलाने और सबूत इकट्ठा करने का व्यापक अधिकार होता है और इनका नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश करते हैं। वे जांच के दायरे में आने वाले व्यक्तियों के बारे में व्यक्तिगत सिफारिशें भी शामिल कर सकते हैं, हालांकि सरकार उन पर कार्रवाई करने के लिए बाध्य नहीं है।
नेतन्याहू सरकार को सता रहा डर
जांच आयोग न गठित करने की मंशा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। माउंट मेरोन भगदड़ की जांच करने वाले अंतिम राज्य जांच आयोग ने घटना के लिए नेतन्याहू को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया था। वहीं सेना की जांच में सामने आया है कि सेना ने सालों तक हमास के इरादों को गलत समझा और सात अक्तूबर के करीब आते-आते हमले के बारे में खुफिया जानकारी भी नहीं मिल सकी। सेना का ध्यान ईरान और लेबनान में उसके प्रतिनिधि हिजबुल्लाह से होने वाले खतरों पर भी अधिक था।
ये भी पढ़ें: भारत ने अमेरिका को इस्पात-ऑटो पार्ट्स व दवाओं पर शून्य टैरिफ का दिया प्रस्ताव, जल्द बन सकती है सहमति
सात अक्टूबर को गाजा सीमा के पास इस्राइली समुदायों पर हमास के हमलों में कम से कम 1,180 लोग मारे गए और 252 इजरायली और विदेशी बंधक बनाए गए। शेष 59 बंधकों में से 36 के मृत होने की आशंका है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन