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Israel: लेटर बम, फोन कॉल से कार हेडरेस्ट और रोबोट मशीन गन तक, कैसे तकनीक के जरिए इस्राइल बनाता है निशाना?

Thu, 19 Sep 2024 03:13 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 19 Sep 2024 03:13 PM IST
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सार
Lebanon Pager Walkie Talkie Explosion: लेबनान में पहले पेजर और फिर वॉकी-टॉकी जैसे कुछ उपकरणों में सिलसिलेवार धमाके हुए हैं। इन धमाके में कई लोगों की मौत हुई है और करीब 3500 लोग घायल हुए हैं। धमाकों के पीछे इस्राइल का हाथ बताया जा रहा है जो छोटी वस्तुओं को हथियार बनाने में दुनिया में सबसे आगे है।
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israel unconventional ways of targeting enemies to pager walkie talkie news in hindi
इस्राइल ने तकनीकी से बनाया दुश्मनों को निशाना! - फोटो : amar ujala

विस्तार

दुनिया के कई हिस्सों में इस वक्त संघर्ष चल रहा है। हमास और इस्राइल के बीच जारी युद्ध को भी करीब एक साल होने वाले हैं। इस युद्ध में हिजबुल्ला जैसे कई प्रॉक्सी नेवटर्क भी शामिल हुए। लेबनान में बैठे इस संगठन ने युद्ध शुरू होने के बाद लगातार इस्राइली इलाकों में रॉकेट हमले किए हैं। हालांकि, इस संघर्ष में बीते दो दिन जो हुआ उसने पूरी दुनिया को हैरान किया। मंगलवार को लेबनान में सीरियल पेजर धमाके हुए हैं जिसमें तीन हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए। यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा और इस बार वॉकी-टॉकी में धमाके हुए जिसमें सैकड़ों लोग घायल हुए।


जहां पूरी दुनिया इन धमाकों के पीछे अपनाई गई रणनीति को लेकर चिंतित है तो वहीं इस्राइल ने इसे नए तरह का युद्ध करार दिया है। इस बीच विशेषज्ञों ने आशंका जाहिर की है कि दुश्मन को निशाना बनाने के लिए पेजर और वॉकी-टॉकी के बाद और भी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।




आइये जानते हैं कि लेबनान में इस समय क्या हो रहा है? पहले पेजर और फिर वॉकी-टॉकी में हमले के पीछे कौन है? इन हमलों के लिए उपकरणों का सहारा क्यों लिया जा रहा? क्या यह तरीका आगे और भी बढ़ेगा?

लेबनान में एक बार फिर से धमाके
लेबनान में एक बार फिर से धमाके - फोटो : अमर उजाला
पहले जानते हैं कि ताजा घटना क्या है?
लेबनान में वॉकी-टॉकी जैसे कुछ उपकरणों में बुधवार को सिलसिलेवार धमाके हुए, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में 450 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक बेरूत में हिजबुल्ला सदस्यों और पेजर विस्फोट से मारे गए बच्चे के अंतिम संस्कार के दौरान कई विस्फोट की आवाज सुनी गई। वायरलेस उपकरणों में विस्फोट की घटनाएं बेका घाटी के सोहमोर शहर, राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और दक्षिणी लेबनान में हुईं।
 

लेबनान में सीरियल पेजर धमाके
लेबनान में सीरियल पेजर धमाके - फोटो : AMAR UJALA
पहले क्या हुआ था?
एक दिन पहले ही पेजर हमले में विशेषकर बेरूत के दक्षिणी उपनगर को निशाना बनाया गया जो एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है और हिजबुल्ला का गढ़ माना जाता है। धमाकों के बाद सड़क पर दुकानदार और पैदल चल रहे लोग गिर गए। हमले कम से कम नौ लोग मारे गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था और करीब 3000 लोग घायल हो गए। धमाकों से लेबनान के अस्पतालों में अफरा-तफरी मच गई।

विस्फोट दोपहर लगभग 3:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों दहिए और पूर्वी बेका घाटी में शुरू हुए। ये विस्फोट कुछ सेकंड या मिनट तक नहीं बल्कि लगभग एक घंटे तक होते रहे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने प्रत्यक्षदर्शियों और दहिए के निवासियों ने हवाले से बताया कि उन्होंने शाम 4:30 बजे तक भी विस्फोटों की आवाज सुनी। बताया गया कि कुछ विस्फोट पेजर बजने के बाद हुए। जैसे ही पेजर बजे तो हिजबुल्ला के लड़ाकों ने स्क्रीन देखने के लिए अपने हाथ पेजर पर रखे या उन्हें अपने चेहरे के पास लाया। इसी दौरान पेजर फट गए। इस तरह से दो दिनों में लेबनान में हिजबुल्ला के सदस्यों के हजारों पेजर और वॉकी-टॉकी रेडियो में हुए विस्फोट में कम से कम 19 लोग मारे गए और हजारों अन्य घायल हो गए। 

लेबनान में हिज्बुल्ला पर हमला।
लेबनान में हिज्बुल्ला पर हमला। - फोटो : अमर उजाला
पेजर और वॉकी-टॉकी में विस्फोट कैसे हुआ?
रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने लेबनान के एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि 5,000 पेजर्स के अंदर थोड़ी मात्रा में विस्फोटक रखे गए थे। सूत्र ने कहा कि इसके लिए इस्राइल की खुफिया सेवाएं जिम्मेदार हैं। ये पेजर्स हिजबुल्ला ने अपने सदस्यों के लिए ऑर्डर किए थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मोसाद ने डिवाइस के अंदर एक बोर्ड लगाया है जिसमें विस्फोटक सामग्री है जिसे एक कोड मिलता है। किसी भी माध्यम से इसका पता लगाना बहुत मुश्किल है। यहां तक कि किसी भी डिवाइस या स्कैनर से भी नहीं।'

रॉयटर्स ने यह भी बताया कि नए पेजर्स में तीन ग्राम तक विस्फोटक छिपाए गए थे और महीनों तक हिजबुल्ला को पता नहीं चल पाया। 3,000 पेजर्स में उस वक्त धमाका हुआ जब उन्हें एक कोडेड मैसेज भेजा गया। न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि लेबनान पहुंचने से पहले ही इन उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। बैटरी के बगल में हर पेजर में विस्फोटक सामग्री छिपाई गई थी। साथ ही एक स्विच भी लगाया गया था जो डिवाइस को दूर से विस्फोट कर सकता था।

पेजर्स में दोपहर 3.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) एक मैसेज आया और इसने विस्फोटकों को सक्रिय किया। घटना के बाद विस्फोटों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिनमें विस्फोट से कुछ सेकंड पहले पीड़ित अपना पेजर चेक करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, बुधवार को हुए वॉकी-टॉकी विस्फोटों के बारे में रॉयटर्स को बताया कि इन्हें हिजबुल्ला ने पांच महीने पहले खरीदा था, लगभग उसी समय जब पेजर खरीदे गए थे।

मोसाद ने की थी हमले की बड़ी तैयारी
मोसाद ने की थी हमले की बड़ी तैयारी - फोटो : अमर उजाला
ये उपकरण कहां से आये?
कहा जा रहा है कि इस साजिश को बनाने में कई महीने लग गए। वॉकी-टॉकी को पेजर के साथ ही खरीदा गया था। सामने आईं इन उपकरणों की तस्वीरों में अंदर के पैनल पर आईकॉम और मेड इन जापान लिखा हुआ दिखाई दिया। आईकॉम ने एक बयान में कहा कि उसे मीडिया रिपोर्टों के बारे में पता चला है कि लेबनान में उसके लोगो वाले स्टिकर वाले वॉकी-टॉकी में विस्फोट हुआ था। कंपनी ने कहा कि वह फिलहाल तथ्यों को जांचने का प्रयास कर रहे हैं। आईकॉम ओसाका में स्थित एक वायरलेस संचार कंपनी है।

लेबनानी अधिकारी के अनुसार, हिजबुल्ला ने ताइवान स्थित कंपनी गोल्ड अपोलो को 5,000 पेजर का ऑर्डर दिया था और ये नए उपकरण ही थे जो विस्फोटित हुए।

लेबनान में 32 की मौत
लेबनान में 32 की मौत - फोटो : अमर उजाला
क्या पहले भी गैर-परंपरागत तरीके से हमले हुए हैं?
इस्राइल समेत दुनिया के कई ऐसे देश हैं जो तबाही मचाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने में महारत रखते हैं। इसमें सबसे खास चीन और रूस जैसे देश हैं। इस्राइल छोटी वस्तुओं को हथियार बनाने में दुनिया में सबसे आगे है। पहले इसने ने बहुत प्रभावी ढंग से लेटर बम का इस्तेमाल किया। ऐसे ही कुछ तरीके से 1996 में गाजा में हमास के एक प्रमुख बम निर्माता याह्या अय्याश की हत्या कर दी गई थी। अय्याश के फोन कॉल का जवाब देते ही उसका फोन फट गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी।

2008 में एक विस्फोटक कार हेडरेस्ट के चलते सीरिया में दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी मास्टरमाइंडों में से एक इमाद मुगनी की मौत हो गई। लगभग उसी समय ईरान के परमाणु कार्यक्रम में 'स्टक्सनेट' नाम का एक वायरस डालकर उसे नष्ट कर दिया गया। वायरस को एक यूएसबी स्टिक द्वारा सीमेंस कंप्यूटर सिस्टम में डाला गया था। सबसे ताजा उदाहरण हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या है। हानिया को उसके मोबाइल फोन द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान के एक गेस्टहाउस में ट्रैक किया गया और फिर मार दिया गया। ऐसे ही 2020 में ईरान के मुख्य परमाणु हथियार वैज्ञानिक, मोहसेन फखरीजादेह को एक पिकअप ट्रक पर लगे रोबोट मशीन गन द्वारा मार दिया गया था। यह सब कुछ दूर से नियंत्रित किए गए उपग्रह द्वारा किया गया था।

धमाकों से थर्राया लेबनान
धमाकों से थर्राया लेबनान - फोटो : अमर उजाला
संचार के उपकरणों में विस्फोट कितना बड़ा खतरा?
लेबनान में हुए हालिया हमलों के बाद संचार उपकरणों से जुड़ी चिंताएं भी सामने आने लगी हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है। इसने सभी संबंधित पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह किया है। इन धमाकों में तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरे लेबनान में लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि उनके उपकरण कितने सुरक्षित हैं? हर किसी के लिए चिंता का विषय है जिसके पास मोबाइल फोन, लैपटॉप, वायरलेस हेडफोन या कार तक लगभग कोई भी इंटरनेट से जुड़ा गैजेट है?  

लेबनान में दहशत का माहौल है, आलम ये है डरकर लोगों ने अपने वॉकी-टॉकी से बैटरियां निकाल ली हैं और विस्फोटों के डर से उपकरणों को सड़क पर फेंक दिया है। इस डर के बीच लेबनानी सेना संदिग्ध वस्तुओं में विस्फोट कर रही है। गुरुवार दोपहर घर के सौर ऊर्जा सिस्टम में भी विस्फोट हुआ, साथ ही फिंगरप्रिंट डिवाइस और रेडियो में भी। बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्लाह के लोगों को उन सभी वॉकी-टॉकी से बैटरी निकालते हुए देखा जो विस्फोट नहीं हुए थे।

ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट ने एक विशेषज्ञ के हवाले से बताया कि अगर पेजर को हैक करके विस्फोट किया जा सकता है, तो अगला नंबर सेल फोन का होगा'। किंग्स कॉलेज लंदन के युद्ध अध्ययन विभाग के विजिटिंग सीनियर रिसर्च फेलो डॉ. लुकाज ओलेजनिक ने कहा कि पेजर के बजाय इस तरह के हमलों में स्मार्टफोन को भी निशाना बनाया जा सकता है। क्योंकि स्मार्टफोन को अधिक आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।
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