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इस्राइल : दो साल में चौथी बार 23 मार्च को होंगे चुनाव, पीएम नेतन्याहू के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, 'बीबी घर जाओ' के लगे नारे
Sun, 21 Mar 2021 12:30 PM IST
दीप्ति मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sun, 21 Mar 2021 12:30 PM IST
सार
- इस्राइल में दो साल से भी कम समय में चौथी बार चुनाव
- सत्ता हासिल करना नेतन्याहू के लिए होगा बेहद मुश्किल
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इस्राइल में प्रदर्शन
- फोटो : PTI
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विस्तार
इस्राइल के येरुशलम में दो साल में चौथी बार होने वाले संसदीय चुनाव से तीन दिन पहले शनिवार को प्रधानमंत्री बेंजामिल नेतन्याहू के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रर्दशनकारियों ने नेतन्याहू के विरोध में झंडे लहराए। साथ ही नेतन्याहू के उपनाम का उपयोग करते हुए 'बीबी घर जाओ' के नारे लगाए।
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इस्राइल में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते मंदी, महंगाई और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों को लेकर जनता में भारी रोष है। इसे लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के 39वें हफ्तें में शनिवार को हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और नेतन्याहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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इस्राइल में दो साल से भी कम समय में चौथी बार 23 मार्च को चुनाव होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिल नेतन्याहू का भविष्य दांव पर है। इस बार होने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की किस्मत छोटे दलों के हाथों में टिकी हुई है, ऐसे में नेतन्याहू के लिए सत्ता पर फिर से काबिज होना आसान नहीं होगा। इस चुनाव को प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर एक जनमत संग्रह के तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्होंने दुनिया के सबसे सफल कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान में से एक का नेतृत्व किया है। हालांकि, नेतन्याहू पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप उनकी छवि को धूमिल करने का काम कर सकते हैं।
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30 सीटों पर ही सिमट जाएगी नेतन्याहू की पार्टी !
इस्राइली मीडिया संस्थानों के पूर्वानुमानों के मुताबिक, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 120 सदस्यीय संसद में 30 सीटें जीत सकती है, लेकिन उसके गठबंधन सहयोगियों के महज 50 सीटें जीतने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर वैचारिक रूप से अलग दल जो नेतन्याहू को पद से हटाना चाहते हैं। उन सबके पास कुल मिलाकर 56-60 सीटें आ सकती हैं, जो बहुमत से कुछ ही कम है। नेतन्याहू विरोधी सबसे बड़ा दल येश अतिद पार्टी 20 सीटें जीत सकता है।