{"_id":"68da1598df69e85e1808b974","slug":"israel-pm-benjamin-netanyahu-donald-trump-meeting-to-end-war-in-gaza-middle-east-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gaza: नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात आज, अमेरिकी राष्ट्रपति का ट्वीट- मध्य पूर्व में कुछ खास होने वाला है","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Gaza: नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात आज, अमेरिकी राष्ट्रपति का ट्वीट- मध्य पूर्व में कुछ खास होने वाला है
Mon, 29 Sep 2025 10:44 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 29 Sep 2025 10:44 AM IST
सार
इस्राइल की राजनीतिक की जानकार ईटन गिलबोआ का कहना है कि ट्रंप, नेतन्याहू पर संघर्ष विराम के लिए दबाव डाल सकते हैं, लेकिन अगर नेतन्याहू संघर्ष विराम के लिए राजी होते हैं तो उनकी अपनी गठबंधन सरकार खतरे में आ सकती है।
विज्ञापन
ट्रंप और नेतन्याहू
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मुलाकात होनी है। यह मुलाकात व्हाइट हाउस में होगी। इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में गाजा में संघर्ष विराम को लेकर सहमति बन सकती है। खासकर ऐसे समय में जब इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है और कई पश्चिमी देश फलस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक से पहले सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में कहा कि मध्य पूर्व में कुछ खास होने वाला है। ट्रंप के इस पोस्ट के बाद उम्मीद की जा रही है कि गाजा में जल्द ही शांति आ सकती है।
ट्रंप का ट्वीट- मध्य पूर्व में कुछ खास होने वाला है
अमेरिका, गाजा युद्ध में इस्राइल का कट्टर समर्थक रहा है, लेकिन संघर्ष के लंबा खिंचने और गाजा में इस्राइली हमलों के खिलाफ बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव से अमेरिका भी असहज हुआ है। इस्राइल में नेतन्याहू की गठबंधन सरकार पर भी दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सोमवार को ओवल ऑफिस में होने वाली ट्रंप और नेतन्याहू की बैठक बेहद अहम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा में संघर्ष विराम के लिए शांति समझौते पर गंभीरता से चर्चा चल रही है। रविवार को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा कि 'मध्य पूर्व में महान बदलाव का हमारे पास असली मौका है। हम सभी पहली बार कुछ खास करने के लिए साथ आए हैं और हम इसे पूरा करके रहेंगे।'
नेतन्याहू के लिए अग्निपरीक्षा का समय
ट्रंप और नेतन्याहू की ओवल ऑफिस में होने वाली बैठक इस्राइली पीएम के लिए अग्निपरीक्षा का समय है। इस्राइल की राजनीतिक की जानकार ईटन गिलबोआ का कहना है कि ट्रंप, नेतन्याहू पर संघर्ष विराम के लिए दबाव डाल सकते हैं, लेकिन अगर नेतन्याहू संघर्ष विराम के लिए राजी होते हैं तो उनकी अपनी गठबंधन सरकार खतरे में आ सकती है क्योंकि नेतन्याहू सरकार के कई सहयोगी लड़ाई जारी रखने और हमास के पूर्ण खात्मे की बात कर रहे हैं। ऐसे में अगर नेतन्याहू ने संघर्ष विराम पर सहमति दी को इससे उनकी सरकार के कई सहयोगी नाराज हो सकते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- US: अब ओरेगन में नेशनल गार्ड की तैनाती कर रहा ट्रंप प्रशासन, राज्य के नेताओं के विरोध के बावजूद उठाया कदम
इस्राइल द्वारा बीते दिनों कतर में हमास नेताओं के ठिकानों पर किए गए हमले के बाद पश्चिम एशिया के देश इस्राइल के खिलाफ लामबंद होने की कोशिश कर रहे हैं। इससे अमेरिका पर भी दबाव बढ़ा है। यही वजह है कि अमेरिका का धैर्य भी अब जवाब दे रहा है। बीते हफ्ते ही ट्रंप ने इस्राइल के वेस्ट बैंक पर भी कब्जा करने की मंशा को खारिज कर दिया था और कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसका पुरजोर विरोध करेगा।
ट्रंप प्रशासन द्वारा तैयार किए गए शांति प्रस्ताव में दिए गए हैं ये सुझाव
इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक समझौता प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस समझौते में सभी बंधकों की 48 घंटे में रिहाई और गाजा से चरणबद्ध तरीके से इस्राइली सेना की वापसी जैसे प्रावधान हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस समझौता प्रस्ताव को लेकर अरब देशों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की है। 21 बिंदु वाले इस प्रस्ताव में गाजा में हमास के शासन को खत्म करने और हमास का निशस्त्रीकरण करने की भी बात की गई है। गौरतलब है कि गाजा से फलस्तीनी नागरिकों को निकालने की बात इसमें नहीं है, जैसा कि पूर्व में ट्रंप ने प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव में गाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करने का भी सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन
ट्रंप का ट्वीट- मध्य पूर्व में कुछ खास होने वाला है
अमेरिका, गाजा युद्ध में इस्राइल का कट्टर समर्थक रहा है, लेकिन संघर्ष के लंबा खिंचने और गाजा में इस्राइली हमलों के खिलाफ बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव से अमेरिका भी असहज हुआ है। इस्राइल में नेतन्याहू की गठबंधन सरकार पर भी दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सोमवार को ओवल ऑफिस में होने वाली ट्रंप और नेतन्याहू की बैठक बेहद अहम है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा में संघर्ष विराम के लिए शांति समझौते पर गंभीरता से चर्चा चल रही है। रविवार को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा कि 'मध्य पूर्व में महान बदलाव का हमारे पास असली मौका है। हम सभी पहली बार कुछ खास करने के लिए साथ आए हैं और हम इसे पूरा करके रहेंगे।'
विज्ञापन
नेतन्याहू के लिए अग्निपरीक्षा का समय
ट्रंप और नेतन्याहू की ओवल ऑफिस में होने वाली बैठक इस्राइली पीएम के लिए अग्निपरीक्षा का समय है। इस्राइल की राजनीतिक की जानकार ईटन गिलबोआ का कहना है कि ट्रंप, नेतन्याहू पर संघर्ष विराम के लिए दबाव डाल सकते हैं, लेकिन अगर नेतन्याहू संघर्ष विराम के लिए राजी होते हैं तो उनकी अपनी गठबंधन सरकार खतरे में आ सकती है क्योंकि नेतन्याहू सरकार के कई सहयोगी लड़ाई जारी रखने और हमास के पूर्ण खात्मे की बात कर रहे हैं। ऐसे में अगर नेतन्याहू ने संघर्ष विराम पर सहमति दी को इससे उनकी सरकार के कई सहयोगी नाराज हो सकते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- US: अब ओरेगन में नेशनल गार्ड की तैनाती कर रहा ट्रंप प्रशासन, राज्य के नेताओं के विरोध के बावजूद उठाया कदम
इस्राइल द्वारा बीते दिनों कतर में हमास नेताओं के ठिकानों पर किए गए हमले के बाद पश्चिम एशिया के देश इस्राइल के खिलाफ लामबंद होने की कोशिश कर रहे हैं। इससे अमेरिका पर भी दबाव बढ़ा है। यही वजह है कि अमेरिका का धैर्य भी अब जवाब दे रहा है। बीते हफ्ते ही ट्रंप ने इस्राइल के वेस्ट बैंक पर भी कब्जा करने की मंशा को खारिज कर दिया था और कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसका पुरजोर विरोध करेगा।
ट्रंप प्रशासन द्वारा तैयार किए गए शांति प्रस्ताव में दिए गए हैं ये सुझाव
इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक समझौता प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस समझौते में सभी बंधकों की 48 घंटे में रिहाई और गाजा से चरणबद्ध तरीके से इस्राइली सेना की वापसी जैसे प्रावधान हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस समझौता प्रस्ताव को लेकर अरब देशों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की है। 21 बिंदु वाले इस प्रस्ताव में गाजा में हमास के शासन को खत्म करने और हमास का निशस्त्रीकरण करने की भी बात की गई है। गौरतलब है कि गाजा से फलस्तीनी नागरिकों को निकालने की बात इसमें नहीं है, जैसा कि पूर्व में ट्रंप ने प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव में गाजा में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करने का भी सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन