West Asia: दक्षिण गाजा के रफाह से 10 लाख से अधिक विस्थापित, किर्बी बोले- IDF का हमला खौफनाक; US की बात बेअसर
Israel-Hamas War: अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने कहा, हमें अब भी नहीं लगता कि रफाह में किसी बड़े जमीनी अभियान की जरूरत है। हम अभी भी इस्राइलियों को रफाह के बड़े हिस्से पर हमला करते हुए नहीं देखना चाहते हैं।
विस्तार
इस्राइल ने अमेरिकी चेतावनी और वैश्विक आलोचना को दरकिनार करते हुए मंगलवार को रफाह के सिटी सेंटर पर कब्जा कर लिया। लंबे समय से अमेरिका सहित तमाम देश इस्राइल को राफा से दूर रहने की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन सोमवार को एक कैंप पर हवाई हमले के बाद मंगलवार को राफा के सिटी सेंटर पर इस्राइल टैंक पहुंच गए। इसके साथ ही राफा के अलग-अलग हिस्सों में मंगलवार को जमीनी और हवाई दोहरी कार्रवाई में 20 फलस्तीनियों की मौत हुई है।
इस्राइली कार्रवाई को डरावना बताते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने कहा, गाजा में कोई सुरक्षित जगह नहीं है। यह आतंक रुकना चाहिए। उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को डरावनी कार्रवाई रोकने को कहा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पहले ही चेताया था कि अगर इस्राइल ने रफाह पर धावा बोलने की रेड लाइन पार की तो अमेरिका हथियार नहीं देगा। बहरहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति की इस चेतावनी को दरकिनार कर इस्राइल ने रफाह पर न केवल सोमवार को बड़ा हमला किया, बल्कि मंगलवार को सिटी सेंटर पर कब्जा कर हवाई और जमीनी हमले जारी रखे हैं।
नागरिकों की मौत पर नेतन्याहू ने जताया दुख
सोमवार को रफाह में एक कैंप पर हुए इस्राइली हमले में 45 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले को दुखद हादसा बताते हुए मामले की जांच कराने का आदेश दिया है। वहीं, बाइडन प्रशासन ने कहा है कि इस्राइल को हमले सटीक करने चाहिए, जिनमें नागरिकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। पिछले वर्ष सात अक्तूबर को हमास के बर्बर हमले के बाद शुरू हुई इस्राइली कार्रवाई में अब तक 36 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस्राइली डिफेंस फोर्स के मुताबिक, इनमें से करीब 12 हजार हमास आतंकी हैं।
तीन यूरोपीय देशों ने दी फलस्तीन को मान्यता
तीन यूरोपीय देशों स्पेन, नॉर्वे और आयरलैंड ने अपनी-अपनी संसदों के जरिये फलस्तीन को संप्रभु राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का एलान किया है। इन देशों की मान्यता के साथ संयुक्त राष्ट्र के सदस्य 193 देशों में से अब 140 देश स्वतंत्र-संप्रभु फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दे चुके हैं। हालांकि, डेनमार्क की संसद ने फलस्तीन को मान्यता देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
10 लाख से ज्यादा विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र फलस्तीन शरणार्थी एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के मुताबिक, बीते तीन सप्ताह के भीतर रफाह से 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। जंग की शुरुआत में रफाह पहुंचे लोग भी पलायन कर रहे हैं।
रफाह में जमीनी अभियान की जरूरत नहीं: किर्बी
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने कहा, अमेरिका अभी भी नहीं मानता कि रफाह में कोई बड़ा जमीनी अभियान चलाया जाना चाहिए। हम नहीं चाहते कि इस्राइली सेना की बड़ी टुकड़ियां रफाह के बड़े इलाकों में घुसें। अमेरिका मध्य पूर्व के पूरे घटनाक्रम पर बहुत करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी परिस्थिति में निर्दोष लोगों की मौत बेहद दुखद है। नुकसान जितना संभव हो सके कम किया जाना चाहिए।
#WATCH | NSC Strategic Communications Coordinator John Kirby says, "These devastating images and reports coming out of Rafah over the weekend following an IDF strike that killed dozens of innocent Palestinians, including children. You've all seen the images and they're… pic.twitter.com/bN6fQlsgrR
— ANI (@ANI) May 28, 2024
पश्चिम एशिया से सामने आई विनाशकारी तस्वीरें
रफाह में इस्राइली सेना के हमले पर किर्बी ने कहा, वहां से विनाशकारी तस्वीरें और रिपोर्टें सामने आई हैं। आईडीएफ के हमले में दर्जनों निर्दोष फलस्तीनी मारे गए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। सभी ने दिल दहला देने वाली तस्वीरें देखी हैं। युद्धग्रस्त इलाकों का मंजर भयावह है। इस हिंसक संघर्ष में किसी निर्दोष की जान नहीं जानी चाहिए। इस्राइल को हमास पर हमला करने का पूरा अधिकार है, और हमले में हमास के दो शीर्ष आतंकी भी मारे गए हैं, लेकिन निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए इस्राइली सेना को हर संभव सावधानी बरतनी चाहिए। अधिक जानकारी जुटाने के लिए अमेरिका ने कई स्तरों पर इस्राइली रक्षा बलों से संपर्क किया है। हम IDF और जमीन पर मौजूद दूसरे भागीदारों के साथ सक्रियता से जुड़े हैं।