Israel: 70 सालों में इस्लामी देशों से खत्म हुई यहूदी जनसंख्या! इराक में थे डेढ़ लाख, अब बचे सिर्फ 10
मौजूदा वक्त में इस्राइल के सबसे बड़े विरोधी देशों में ईरान का नाम आता है। साल 1948 में ईरान में करीब एक लाख यहूदी जनसंख्या रहती थी लेकिन 2016 तक यह संख्या घटकर महज 9800 रह गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुस्लिम जगत में लगभग खत्म हुई यहूदी जनसंख्या
'वर्ल्ड ऑफ स्टेटिक्स' ने एक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की है। इस पोस्ट में कुछ आंकड़े दिए गए हैं, जिनमें बताया गया है कि किस तरह से साल 1948 के मुकाबले कई मुस्लिम देशों में यहूदी लोगों की जनसंख्या लगभग खत्म हो चुकी है या फिर जल्द खत्म होने के कगार पर है। आंकड़ों के अनुसार, अफगानिस्तान में साल 1948 में पांच हजार यहूदी लोग रहते थे लेकिन साल 2019 में महज एक यहूदी ही अफगानिस्तान में बचा था। इसी तरह इराक में जहां 1948 में डेढ़ लाख यहूदी लोग रहते थे, वहीं साल 2017 तक यहां महज 10 यहूदी बचे थे।
Decline of Jewish population:
— World of Statistics (@stats_feed) October 12, 2023
🇦🇫 Afghanistan
1948: 5,000
2019: 1
🇮🇷 Iran
1948: 100,000
2016: ~9,800
🇮🇶 Iraq
1948: 150,000
2017: 10
🇹🇳 Tunisia
1948: 105,000
2017: 1,700
🇩🇿 Algeria
1948: 140,000
2017: ~50
🇱🇾 Libya
1948: 38,000
2019: 0
🇱🇧 Lebanon
1948: 24,000
2017: 100
🇪🇬…
मौजूदा वक्त में इस्राइल के सबसे बड़े विरोधी देशों में ईरान का नाम आता है। साल 1948 में ईरान में करीब एक लाख यहूदी जनसंख्या रहती थी लेकिन 2016 तक यह संख्या घटकर महज 9800 रह गई थी। ट्यूनीशिया में 1948 में एक लाख से ज्यादा यहूदी रहते थे, वो 2017 तक घटकर 1700 रह गए थे। लीबिया में यह आंकड़ा 38 हजार था, आज लीबिया से यहूदी लोगों की आबादी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। लेबनान में साल 2017 में सिर्फ 100, मिस्त्र में 20 अल्जीरिया में करीब 50 ही यहूदी बचे थे। आंकड़ों के अनुसार, सीरिया में साल 2017 में 100, मोरक्को में दो हजार, बहरीन में साल 2018 तक करीब 35, यमन में साल 2017 तक 50 और पाकिस्तान में साल 2019 तक सिर्फ 745 परिवार ही बचे हैं। ओमान में साल 1948 में जहां पांच हजार यहूदी रहते थे, वहां आज यहूदी जनसंख्या खत्म हो चुकी है।
बता दें कि साल 1948 में ही यहूदियों के लिए अलग देश बनाने की दिशा में अहम फैसला हुआ था। दरअसल मई 1948 में ही संयुक्त राष्ट्र में यहूदियों के लिए अलग देश बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया था। यही वजह है कि इन आंकड़ों में 1948 के मुकाबले यहूदी जनसंख्या की तुलना की गई है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.