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Israel Hamas War: लंदन की सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन, ब्रिटेन की गृह सचिव ब्रेवरमैन और मेट पुलिस के बीच वाकयुद्ध
Thu, 09 Nov 2023 06:00 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 09 Nov 2023 06:00 PM IST
सार
इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष के बीच ब्रिटेन की गृह सचिव ब्रेवरमैन और लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस के बीच जुबानी जंग देखी गई। बता दें कि फलस्तीन के समर्थन में सड़कों पर लंदन की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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लंदन की सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन और गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन (फाइल)
- फोटो : social media
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विस्तार
इस्राइली सेना गाजा पट्टी में लगातार कार्रवाई कर रही है। बीते एक महीने से अधिक समय से जारी युद्ध के बीच हमास के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। अब तक 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। विरोध प्रदर्शन की तपिश ब्रिटेन में भी महसूस की जा रही है। लंदन की सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन के बीच ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन और मेट्रोपॉलिटन पुलिस के बीच जुबानी जंग की खबरें सामने आई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेवरमैन के हवाले से गुरुवार को एक अखबार में सख्त लेख प्रकाशित हुआ। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ वाकयुद्ध को लेकर समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेवरमैन ने पुलिस पर लंदन की सड़कों पर "नफरत मार्च करने वालों" से सख्ती से नहीं निपटने का आरोप लगाया। बता दें कि इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच लंदन में फलस्तीनी नागरिकों की मौत और गाजा में मानवीय संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ब्रिटेन में हेट क्राइम की भी कई घटनाएं सामने आई हैं।
देश के सबसे बड़े पुलिस बल- मेट्रोपॉलिटन पुलिस पर फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों की कुछ कार्रवाइयों को नजरअंदाज करने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रामकता से निपटने में "दोहरे मानक" अपनाने का आरोप भी लगाया गया है। इसके लिए भारतीय मूल की कैबिनेट मंत्री की विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की है।
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पुलिस को दी गई चेतावनी में ब्रेवरमैन ने कहा कि यदि इस सप्ताह के अंत में एक योजनाबद्ध फलस्तीन समर्थक विरोध मार्च आगे बढ़ता है, तो ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों से "नफरत से भरे किसी भी प्रदर्शन के प्रति सख्ती" दिखाने के साथ-साथ "सक्रिय दृष्टिकोण" की उम्मीद भी की जाएगी। ब्रेवरमैन ने द टाइम्स अखबार में लिखा, "लंदन में ब्रिटेन के यहूदी समुदाय की सम्मानजनक चौकसी की गई है, लेकिन इसने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की हमारी क्षमता का परीक्षण नहीं किया है।"
उन्होंने कहा, यह फलस्तीन समर्थक आंदोलन है जिसमें हर सप्ताहांत हजारों गुस्साए प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे हैं। उन्होंने लंदन में मार्च किया है। शुरू से ही विरोध प्रदर्शन समस्याग्रस्त रहे हैं। न केवल आसपास की हिंसा के कारण बल्कि अत्यधिक आक्रामक सामग्री के कारण हालात खराब होने का खतरा है। गृह सचिव ब्रेवरमैन के अनुसार, भड़काऊ नारेबाजी, पोस्टर और स्टिकर
को देखते हुए कहा जा सकता है कि ये समय भोलेपन का नहीं है, पुलिस को सख्ती दिखानी होगी।
ब्रेवरमैन के मुताबिक, "हमने अपनी आंखों से देखा है कि आतंकवादियों का महिमामंडन किया गया है। इस्राइल को नाजियों के रूप में अपमानित किया गया है और यहूदियों को और अधिक नरसंहार की धमकी दी गई है।" उन्होंने कहा, वे नहीं मानतीं कि लंदन में हो रहे मार्च केवल गाजा के लिए मदद की गुहार के लिए हैं।" उन्होंने कहा कि उत्तरी आयरलैंड के इस्लामवादी समूह भी विरोध-प्रदर्शन में सक्रिय हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेवरमैन के हवाले से गुरुवार को एक अखबार में सख्त लेख प्रकाशित हुआ। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ वाकयुद्ध को लेकर समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेवरमैन ने पुलिस पर लंदन की सड़कों पर "नफरत मार्च करने वालों" से सख्ती से नहीं निपटने का आरोप लगाया। बता दें कि इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच लंदन में फलस्तीनी नागरिकों की मौत और गाजा में मानवीय संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ब्रिटेन में हेट क्राइम की भी कई घटनाएं सामने आई हैं।
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देश के सबसे बड़े पुलिस बल- मेट्रोपॉलिटन पुलिस पर फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों की कुछ कार्रवाइयों को नजरअंदाज करने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रामकता से निपटने में "दोहरे मानक" अपनाने का आरोप भी लगाया गया है। इसके लिए भारतीय मूल की कैबिनेट मंत्री की विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की है।
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पुलिस को दी गई चेतावनी में ब्रेवरमैन ने कहा कि यदि इस सप्ताह के अंत में एक योजनाबद्ध फलस्तीन समर्थक विरोध मार्च आगे बढ़ता है, तो ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों से "नफरत से भरे किसी भी प्रदर्शन के प्रति सख्ती" दिखाने के साथ-साथ "सक्रिय दृष्टिकोण" की उम्मीद भी की जाएगी। ब्रेवरमैन ने द टाइम्स अखबार में लिखा, "लंदन में ब्रिटेन के यहूदी समुदाय की सम्मानजनक चौकसी की गई है, लेकिन इसने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की हमारी क्षमता का परीक्षण नहीं किया है।"
उन्होंने कहा, यह फलस्तीन समर्थक आंदोलन है जिसमें हर सप्ताहांत हजारों गुस्साए प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे हैं। उन्होंने लंदन में मार्च किया है। शुरू से ही विरोध प्रदर्शन समस्याग्रस्त रहे हैं। न केवल आसपास की हिंसा के कारण बल्कि अत्यधिक आक्रामक सामग्री के कारण हालात खराब होने का खतरा है। गृह सचिव ब्रेवरमैन के अनुसार, भड़काऊ नारेबाजी, पोस्टर और स्टिकर
को देखते हुए कहा जा सकता है कि ये समय भोलेपन का नहीं है, पुलिस को सख्ती दिखानी होगी।
ब्रेवरमैन के मुताबिक, "हमने अपनी आंखों से देखा है कि आतंकवादियों का महिमामंडन किया गया है। इस्राइल को नाजियों के रूप में अपमानित किया गया है और यहूदियों को और अधिक नरसंहार की धमकी दी गई है।" उन्होंने कहा, वे नहीं मानतीं कि लंदन में हो रहे मार्च केवल गाजा के लिए मदद की गुहार के लिए हैं।" उन्होंने कहा कि उत्तरी आयरलैंड के इस्लामवादी समूह भी विरोध-प्रदर्शन में सक्रिय हैं।