Gaza Crisis: गाजा में इस्राइली हमले में 31 और मौतें, इस्राइल पर नरसंहार के आरोप; अब तक 63 हजार से अधिक मौतें
गाजा में इस्राइल और हमास के बीच 22 महीने से जारी युद्ध और भयावह होता जा रहा है। सोमवार को इस्राइल ने गाजा सिटी और जबालिया कैंप पर भारी हमले किए, जिसमें 31 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। भुखमरी और विस्थापन ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। अब तक 63,500 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं।
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच लगभग 22 महीनों से चल रहा संघर्ष दिन-प्रतिदिन और घातक होता जा रहा है। इसी बीच इस्राइल ने एक बार फिर सोमवार को गाजा पट्टी पर भीषण हवाई और जमीनी हमले किए, जिसमें कम से कम 31 लोगों की मौत हुई। मारे गए लोगों में आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे थे। ये हमले गाजा सिटी और जबालिया शरणार्थी शिविर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में हुए, जहां इस्राइली सेना ने विस्फोटक वाले रोबोटों से इमारतें गिराईं।
भुखमरी और युद्ध की दोहरी मार
गाजा में जारी संघर्ष दोहरे हमले का शिकार है। लोग सिर्फ गोलियों और बमों का ही नहीं, बल्कि भयानक भूख का भी सामना कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में भुखमरी जैसी स्थिति बन चुकी है, क्योंकि लड़ाई, बार-बार विस्थापन और खाद्य उत्पादन पूरी तरह ठप हो चुका है। बता दें कि गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि अब तक इस युद्ध में लगभग 63,557 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1.6 लाख से अधिक घायल हुए हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हैं।
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इस्राइल पर 'जनसंहार' का आरोप
दुनिया के प्रमुख नरसंहार शोधकर्ताओं ने कहा है कि इस्राइल गाजा में जनसंहार कर रहा है। नरसंहार विद्वानों का अंतर्राष्ट्रीय संघ नामक संस्था ने एक प्रस्ताव पास कर कहा कि इस्राइल के कदम कानूनी रूप से जनसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। वहीं संस्था की अध्यक्ष मेलानी ओ ब्रायन ने कहा कि जो लोग जनसंहार के विशेषज्ञ हैं, वे इस स्थिति को पहचानते हैं कि ये क्या है। हालांकि मामले में इस्राइल ने इस आरोप को पूरी तरह नकारते हुए इसे कानून और अकादमिक जगत के लिए शर्मनाक बताया। इस्राइल का कहना है कि वह सिर्फ हमास के आतंकियों को निशाना बना रहा है, जो आम नागरिकों के बीच छिपे होते हैं।
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हमास का हमला और बंधक संकट
गौरतलब है ये कि ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले में 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे और 251 लोग बंधक बना लिए गए थे। इनमें से अब भी 48 लोग गाजा में कैद हैं, जिनमें से लगभग 20 के जिंदा होने की संभावना है। गाजा की मदद के लिए 44 देशों के कार्यकर्ताओं और 20 नौकाओं का एक काफिला, जो स्पेन के बार्सिलोना से निकला था, तूफान के कारण लौट गया। इस मिशन में पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल थीं।