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Israel: इधर इस्राइली हमले से गाजा में तबाही, उधर पुर्तगाल समेत कई देश फलस्तीन को मान्यता देने की तैयारी में
Sat, 20 Sep 2025 04:57 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 20 Sep 2025 04:57 PM IST
सार
गाजा सिटी पर इस्राइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई। मारे गए लोगों में छह एक ही परिवार से थे। हमलों के बीच पुर्तगाल और अन्य पश्चिमी देश फलस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की तैयारी कर रहे हैं। गाजा में 65,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जबकि 90% आबादी विस्थापित है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
गाजा पर इस्राइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कई पश्चिमी देश अब खुले तौर पर फलस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन सकता है।
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में छह लोग एक ही परिवार से थे। इनमें शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सलमिया के रिश्तेदार भी शामिल हैं। एक अन्य हमले में शावा स्क्वायर के पास पांच लोगों की मौत हुई। राहत एजेंसियां कह रही हैं कि गाजा में हालात अकाल जैसी स्थिति तक पहुंच गए हैं।
पश्चिमी देशों का रुख बदलता हुआ
इस्राइल के हमलों के बीच पुर्तगाल ने घोषणा की है कि वह रविवार को आधिकारिक तौर पर फलस्तीन राज्य को मान्यता देगा। इसके अलावा ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, माल्टा, बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग जैसे देश भी आने वाले दिनों में यह कदम उठा सकते हैं। पश्चिमी देशों का यह रुख इस्राइल पर बढ़ते दबाव का संकेत है।
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युद्ध का दायरा और बढ़ा
इस्राइल की सेना का कहना है कि उसका लक्ष्य हमास की सैन्य संरचना को पूरी तरह नष्ट करना है। हालांकि इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अभियान महीनों तक चल सकता है। पिछले 23 महीनों में इस्राइली बमबारी से गाजा में 65,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो चुकी है।
मानवीय संकट गहराया
गाजा सिटी में रहने वाले हजारों लोगों को दक्षिण की ओर जाने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन कई लोग या तो कमजोर हैं, या फिर उनके पास संसाधन नहीं हैं कि वे बार-बार उजड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियां कह रही हैं कि इस तरह की जबरन निकासी से मानवीय संकट और गंभीर होगा।
बच्चों के लिए भेजी मदद लूटी गई
यूनिसेफ ने शुक्रवार को खुलासा किया कि कुपोषित बच्चों के लिए भेजा गया जीवनरक्षक भोजन सशस्त्र लोगों ने लूट लिया। चार ट्रकों से यह सामान गाजा सिटी में जबरन छीना गया। इस्राइल ने इसका आरोप हमास पर लगाया है, हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उनके पास मदद के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े तंत्र मौजूद हैं।
ये भी पढें- अमेरिकी सीनेटर ने ट्रंप से चीन पर की प्रतिबंध की मांग, कार्रवाई के लिए भारत पर टैरिफ का दिया हवाला
संघर्ष की जड़ें और आंकड़े
सात अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इस्राइल में हमला किया था जिसमें 1200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बनाया गया। इनमें से 48 अभी भी गाजा में हैं और आधे से भी कम के जिंदा होने की आशंका है। इसके बाद से अब तक 65,100 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानता है।
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गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में छह लोग एक ही परिवार से थे। इनमें शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सलमिया के रिश्तेदार भी शामिल हैं। एक अन्य हमले में शावा स्क्वायर के पास पांच लोगों की मौत हुई। राहत एजेंसियां कह रही हैं कि गाजा में हालात अकाल जैसी स्थिति तक पहुंच गए हैं।
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पश्चिमी देशों का रुख बदलता हुआ
इस्राइल के हमलों के बीच पुर्तगाल ने घोषणा की है कि वह रविवार को आधिकारिक तौर पर फलस्तीन राज्य को मान्यता देगा। इसके अलावा ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, माल्टा, बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग जैसे देश भी आने वाले दिनों में यह कदम उठा सकते हैं। पश्चिमी देशों का यह रुख इस्राइल पर बढ़ते दबाव का संकेत है।
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युद्ध का दायरा और बढ़ा
इस्राइल की सेना का कहना है कि उसका लक्ष्य हमास की सैन्य संरचना को पूरी तरह नष्ट करना है। हालांकि इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अभियान महीनों तक चल सकता है। पिछले 23 महीनों में इस्राइली बमबारी से गाजा में 65,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो चुकी है।
मानवीय संकट गहराया
गाजा सिटी में रहने वाले हजारों लोगों को दक्षिण की ओर जाने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन कई लोग या तो कमजोर हैं, या फिर उनके पास संसाधन नहीं हैं कि वे बार-बार उजड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियां कह रही हैं कि इस तरह की जबरन निकासी से मानवीय संकट और गंभीर होगा।
बच्चों के लिए भेजी मदद लूटी गई
यूनिसेफ ने शुक्रवार को खुलासा किया कि कुपोषित बच्चों के लिए भेजा गया जीवनरक्षक भोजन सशस्त्र लोगों ने लूट लिया। चार ट्रकों से यह सामान गाजा सिटी में जबरन छीना गया। इस्राइल ने इसका आरोप हमास पर लगाया है, हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उनके पास मदद के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े तंत्र मौजूद हैं।
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सात अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इस्राइल में हमला किया था जिसमें 1200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बनाया गया। इनमें से 48 अभी भी गाजा में हैं और आधे से भी कम के जिंदा होने की आशंका है। इसके बाद से अब तक 65,100 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानता है।