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Pakistan: नागरिकों के खिलाफ सैन्य मुकदमे का मंत्री तरार ने किया बचाव, कहा- PTI इसका राजनीतिकरण करने बचे

Wed, 25 Dec 2024 10:55 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 25 Dec 2024 10:55 PM IST
सार

अताउल्लाह तरार ने पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी की आलोचना की कि वे सैन्य अदालतों को राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य उनके इर्द-गिर्द विवाद पैदा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य अदालतें केवल रक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों से जुड़े मामलों को ही संभालती हैं, उन्होंने लाहौर में कोर कमांडर के घर पर हमले जैसी घटनाओं का हवाला दिया।

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Islamabad: Pakistani minister Attaullah Tarar defends military trial of civilians
अताउल्लाह तरार, पाकिस्तान के सूचना मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

एक पाकिस्तानी मंत्री ने बुधवार को नागरिकों के सैन्य परीक्षण का बचाव किया, यह कहते हुए कि ऐसी अदालतें सेना की सुविधाओं पर हमलों से संबंधित मामलों को संभालने में सक्षम हैं।। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इमरान खान के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से सैन्य मुकदमों के मुद्दे का राजनीतिकरण या विवाद करने से बचने का आग्रह किया।
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'दोषियों को पकड़ना अधिकारियों की जिम्मेदारी'
अताउल्लाह तरार ने कहा कि, जब किसी रक्षा संस्थान पर हमला किया जाता है या उसकी संपत्ति को आग के हवाले कर दिया जाता है, तो दोषियों को पकड़ना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी बन जाती है। जिस तरह रेलवे पुलिस रेलवे परिसर में अपराधों को संभालती है, उसी तरह सैन्य अदालतें सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने वाले अपराधों को संभालती हैं। इसलिए, जब सैन्य संपत्तियों पर हमले होते हैं, तो सैन्य अधिनियम लागू होता है। 
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अताउल्लाह तरार ने की पीटीआई की आलोचना
सूचना मंत्री ने सैन्य अदालतों में नागरिकों के मुकदमों के बारे में अपना रुख बदलने के लिए पीटीआई की भी आलोचना की, उन्होंने याद दिलाया कि इमरान खान के कार्यकाल के दौरान सैन्य अदालतों के मुकदमों की प्रशंसा की गई थी। मंत्री तरार ने कहा, 'पीटीआई के नेतृत्व की ओर से सैन्य अदालतों की प्रशंसा करने वाले बयान अभी भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। फिर भी, अब वही लोग इन अदालतों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरवी कर रहे हैं।' उन्होंने आश्वासन दिया कि सैन्य मुकदमों में निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों का पालन किया जाता है और सैन्य मुकदमों में अन्याय के दावों को खारिज कर दिया।
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बता दें कि, 9 मई, 2023 को विरोध प्रदर्शन के दौरान सैन्य सुविधाओं पर हमलों में शामिल संदिग्धों के मामलों की सुनवाई करने वाली सैन्य अदालतों ने पिछले सप्ताह 25 नागरिकों को 2-10 साल की जेल की सजा सुनाई। इमरान खान की पार्टी ने फैसलों की आलोचना करते हुए तर्क दिया कि सैन्य अदालतों का नागरिकों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
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