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Kabul: काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमले की ली थी जिम्मेदारी, ISIL-K के दो आतंकी ब्लैकलिस्ट
Fri, 28 Apr 2023 10:52 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 28 Apr 2023 10:52 AM IST
सार
आईएसआईएल में फिलहाल प्रवक्ता है। अफगानिस्तान में साल 2015 में खोरासान का गठन हुआ था, उसके बाद से ही आजम इस आतंकवादी संगठन के साथ जुड़ा हुआ है।
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काबुल एयरपोर्ट पर हुआ था हमला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र ने इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड लेवेंट खोरासान (ISIL-K) के दो आतंकियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। बता दें कि इन दोनों आतंकियों ने साल 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस आत्मघाती हमले में 170 अफगानी और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। वहीं डेढ़ सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे। जिन आतंकियों को यूएन ने ब्लैक लिस्ट किया है, उनमें आईएसआईएल खोरासान का प्रवक्ता सुल्तान अजीज आजम और आतंकी संगठन का वरिष्ठ नेता मौलाना राजाब का नाम शामिल है।
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क्या होगा प्रतिबंध का असर
संयुक्त राष्ट्र द्वारा ब्लैक लिस्ट किए जाने के बाद इन आतंकियों की संपत्तियों को सीज कर लिया जाएगा और इनके यात्रा करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। साथ ही हथियारों की खरीद-फरोख्त में भी मुश्किल आएगी। 26 अगस्त 2021 को ही इन आतंकियों ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ले ली थी। आजम एक पूर्व पत्रकार है और आईएसआईएल में फिलहाल प्रवक्ता है। अफगानिस्तान में साल 2015 में खोरासान का गठन हुआ था, उसके बाद से ही आजम इस आतंकवादी संगठन के साथ जुड़ा हुआ है।
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तालिबान के कब्जे के बाद हुआ था हमला
तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को काबुल पर कब्जा किया था, जिसके बाद आनन-फानन में अमेरिका और नाटो देशों के फौजी अफगानिस्तान से निकल रहे थे। बड़ी संख्या में अफगानी लोग भी देश से बाहर जा रहे थे। जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग काबुल एयरपोर्ट के बाहर जमा थे। इसी दौरान हुए एक तेज आत्मघाती हमले में भारी तबाही हुई है। जिसमें सैंकड़ों लोगों की मौत हुई। इससे पहले दो मार्च 2021 को तीन महिला पत्रकारों की हत्या की बात भी आईएसआईएल खोरासान ने स्वीकार की थी।
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