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युद्ध में सबकुछ हो रहा तबाह: तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद तनाव, तेल-ऊर्जा के बाद विश्वविद्यालय निशाने पर

Sun, 29 Mar 2026 08:35 AM IST
Shivam Garg वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Shivam Garg Updated Sun, 29 Mar 2026 08:35 AM IST
सार

क्या ईरान पूरी पश्चिम एशिया में सबकुछ तबाह करने पर तुला है? तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। पहले तेल और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया, अब अमेरिकी और इस्राइली विश्वविद्यालयों पर भी हमला होने की चेतावनी दी जा रही है। 

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IRGC Warns US and Israeli Universities in West Asia as Legitimate Targets Amid Escalating Tensions
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : adobe stock

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इस्राइल से जुड़े विश्वविद्यालयों को लेकर बड़ा और सख्त बयान जारी किया है। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में स्थित अमेरिकी और इस्राइली विश्वविद्यालय अब वैध निशाना बन सकते हैं।

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ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार, IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल ने हाल के दिनों में ईरान के शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक ढांचे को निशाना बनाया है।
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ईरान के विश्वविद्यालयों पर हमले का आरोप
IRGC ने अपने बयान में दावा किया कि तेहरान स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर बमबारी की गई। संगठन ने इसे बार-बार किया जा रहा हमला बताते हुए अमेरिकी-इस्राइली ताकतों पर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया कि यदि यह हमले नहीं रुके, तो पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी और इस्राइली विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है।
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छात्रों और स्टाफ के लिए चेतावनी
आईआरजीसी ने इन विश्वविद्यालयों के छात्रों, शिक्षकों और आसपास रहने वाले लोगों को भी चेतावनी दी है। संगठन ने सलाह दी है कि लोग इन परिसरों से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही आईआरजीसी ने अमेरिका से मांग की है कि वह 30 मार्च (तेहरान समय) तक ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमलों की निंदा करे, अन्यथा जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

ईरान का बड़ा आरोप: शिक्षा और संस्कृति पर हमला
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी अमेरिका और इस्राइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश जानबूझकर ईरान के वैज्ञानिक ढांचे और सांस्कृतिक विरासत को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले 30 दिनों में कई शैक्षणिक और शोध संस्थानों पर हमले हुए हैं।


बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
ईरान ने यह भी कहा कि उसके खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान का असली उद्देश्य उसके वैज्ञानिक और बौद्धिक ढांचे को कमजोर करना है। वहीं, परमाणु कार्यक्रम को लेकर दिए जा रहे तर्कों को उसने झूठा बहाना करार दिया। इस चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है।


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