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Iraq: इराक के ऐन अल-असद बेस से पूरी तरह हटी अमेरिकी सेना, अब हथियार जमा नहीं कर सकेंगे गैर-सरकारी सशस्त्र समूह
Sun, 18 Jan 2026 02:36 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 18 Jan 2026 02:36 AM IST
सार
Iraq: अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ ही ऐन अल-असद एयर बेस अब पूरी तरह इराक नियंत्रण में लौट आया है। लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल अमीर राशिद यारल्लाह ने बेस में सभी इकाइयों को जिम्मेदारियां सौंपी और तालमेल बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे संचालन में तेजी और प्रभाव बढ़ेगा।
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अमेरिकी सेना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
इराकी अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने पश्चिमी इराक में एक प्रमुख एयर बेस से अपनी सेना पूरी तरह हटा ली है। इराक सरकार के साथ समझौते के तहत सैनिकों की यह वापसी हुई। वॉशिंगटन और बगदाद ने 2024 में यह तय किया था कि अमेरिकी के नेतृत्व में बनाई गई सेना सितंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से ऐन अल-असद बेस पीछे हट जाएगी। यह सेना आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) से खिलाफ जंग लड़ने के लिए तैयार की गई थी। समझौते के तहत अमेरिकी सैन्यकर्मियों को उन बेस से हटना था, जहां वह तैनात थे।
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अमेरिकी सैनिकों के जाने के बाद क्या हुआ?
इराकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने क्या जानकारी दी?
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी अमेरिकी सैनिक बेस से चले गए हैं और उन्होंने सभी अमेरिकी उपकरण भी हटा लिए हैं। अधिकारी को सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति नहीं थी, जिस कारण नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने यह जानकारी दी। अमेरिकी सेना की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, अमेरिकी सेना अभी भी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र और पड़ोसी सीरिया में मौजूद है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी देश में गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों को हथियार जमा करने के मुद्दे में सरकार की स्थिति को मजबूत कर सकती है। कुछ समूह अब तक अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का उपयोग अपने हथियार रखने का औचित्य साबित करने के लिए करते रहे हैं। अल-सुदानी ने जुलाई में एसोसिएटेड प्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा था कि एक बार अमेरिकी सेना की वापसी हो जाने के बाद किसी भी समूह को राज्य के नियंत्रण के बाहर हथियार रखने की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी।
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अमेरिकी सैनिकों के जाने के बाद क्या हुआ?
- अब एयर बेस से सभी अमेरिकी सैनिक और कर्मचारी वापस चले गए हैं।
- अमेरिकी सेना के पीछे हटने के बाद इराकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल अमीर राशिद यारल्लाह ने बेस में सभी सैन्य इकाइयों को काम और जिम्मेदारियां सौंपीं।
- यारल्लाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रयास तेज करें, संयुक्त कार्य में सुधार लाएं और बेस में तैनात इकाइयों के बीच तालमेल बढ़ाएं।
- उन्होंने बेस की क्षमताओं और रणनीतिक स्थिति का पूरा उपयोग करने का भी आदेश दिया।
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इराकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने क्या जानकारी दी?
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी अमेरिकी सैनिक बेस से चले गए हैं और उन्होंने सभी अमेरिकी उपकरण भी हटा लिए हैं। अधिकारी को सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति नहीं थी, जिस कारण नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने यह जानकारी दी। अमेरिकी सेना की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, अमेरिकी सेना अभी भी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र और पड़ोसी सीरिया में मौजूद है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी देश में गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों को हथियार जमा करने के मुद्दे में सरकार की स्थिति को मजबूत कर सकती है। कुछ समूह अब तक अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी का उपयोग अपने हथियार रखने का औचित्य साबित करने के लिए करते रहे हैं। अल-सुदानी ने जुलाई में एसोसिएटेड प्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा था कि एक बार अमेरिकी सेना की वापसी हो जाने के बाद किसी भी समूह को राज्य के नियंत्रण के बाहर हथियार रखने की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी।
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