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Nuclear Deal: यूएस के प्रस्ताव की ईरान के सर्वोच्च नेता ने की आलोचना, यूरेनियम संवर्धन क्षमता बनाए रखने पर जोर
Wed, 04 Jun 2025 02:56 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 04 Jun 2025 02:56 PM IST
सार
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते पर बात हो रही है और अभी तक दोनों देशों के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। अमेरिका द्वारा ईरान को क्या प्रस्ताव दिया गया है, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है।
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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने बुधवार को परमाणु समझौते पर अमेरिका के प्रस्ताव की आलोचना की और कहा कि यह ईरान के विचार के पूरी तरह से खिलाफ है। खामेनेई ने हालांकि अमेरिका के साथ संभावित परमाणु समझौते की संभावना से इनकार भी नहीं किया। खामेनेई ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन की क्षमता बनाए रखने पर फोकस करना चाहिए।
ईरान का फोकस यूरेनियम संवर्धन क्षमता बनाए रखने पर
खामेनेई ने कहा कि 'अगर हमारे पास 100 परमाणु ऊर्जा संयंत्र हैं और हमारे पास संवर्धन की क्षमता नहीं है, तो वे सारे परमाणु ऊर्जा संयंत्र हमारे लिए बेकार हैं। अगर हमारे पास संवर्धन नहीं है, तो हमें अमेरिका के सामने हाथ फैलाना होगा।' गौरतलब है कि कई परमाणु शक्ति संपन्न देश अभी भी बाहरी देशों से संवर्धित यूरेनियम लेते हैं। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते पर बात हो रही है और अभी तक दोनों देशों के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। अमेरिका द्वारा ईरान को क्या प्रस्ताव दिया गया है, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है।
ये भी पढ़ें- Bilawal Bhutto: आतंकियों के जनाजे पर आंसू बहा रहा पाकिस्तान, कहा- आतंकवाद कम कर सकता है भारत से खुफिया सहयोग
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समझौता न होने पर बढ़ सकता है पश्चिम एशिया का तनाव
ईरान के साथ परमाणु समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं में से एक है। समझौते के तहत अमेरिका, ईरान को कठोर आर्थिक प्रतिबंधों से राहत दे सकता है, जिसके बदले में ईरान को अपने यूरेनियम संवर्धन को समाप्त करना होगा। हालांकि समझौता न होने और दूसरी तरफ इस्राइल-हमास युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। वहीं प्रतिबंधों से दबाव में चल रही ईरान की अर्थव्यवस्था में और गिरावट आ सकती है और इसके चलते घरेलू स्तर पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं। समझौता न होने की स्थिति में हालात और बिगड़ सकते हैं।
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ईरान का फोकस यूरेनियम संवर्धन क्षमता बनाए रखने पर
खामेनेई ने कहा कि 'अगर हमारे पास 100 परमाणु ऊर्जा संयंत्र हैं और हमारे पास संवर्धन की क्षमता नहीं है, तो वे सारे परमाणु ऊर्जा संयंत्र हमारे लिए बेकार हैं। अगर हमारे पास संवर्धन नहीं है, तो हमें अमेरिका के सामने हाथ फैलाना होगा।' गौरतलब है कि कई परमाणु शक्ति संपन्न देश अभी भी बाहरी देशों से संवर्धित यूरेनियम लेते हैं। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते पर बात हो रही है और अभी तक दोनों देशों के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। अमेरिका द्वारा ईरान को क्या प्रस्ताव दिया गया है, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है।
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समझौता न होने पर बढ़ सकता है पश्चिम एशिया का तनाव
ईरान के साथ परमाणु समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं में से एक है। समझौते के तहत अमेरिका, ईरान को कठोर आर्थिक प्रतिबंधों से राहत दे सकता है, जिसके बदले में ईरान को अपने यूरेनियम संवर्धन को समाप्त करना होगा। हालांकि समझौता न होने और दूसरी तरफ इस्राइल-हमास युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। वहीं प्रतिबंधों से दबाव में चल रही ईरान की अर्थव्यवस्था में और गिरावट आ सकती है और इसके चलते घरेलू स्तर पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं। समझौता न होने की स्थिति में हालात और बिगड़ सकते हैं।