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US-Iran Negotiations: कतर में अमेरिका से बातचीत की अटकलों पर ईरान का इनकार, अंतिम समझौते पर चर्चा अभी बाकी
Tue, 30 Jun 2026 02:12 AM IST
Pavan
एएनआई, तेहरान
एएनआई, तेहरान
Published by: Pavan
Updated Tue, 30 Jun 2026 02:12 AM IST
सार
US-Iran Final Negotiations: ईरान ने कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ कतर में किसी भी स्तर की वार्ता तय नहीं है। तेहरान ने ट्रंप के बैठक संबंधी दावे को खारिज करते हुए कहा कि अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी, जब 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन की शुरुआती शर्तों पर अमल होगा।
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इस्माइल बघाई, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ईरान ने अमेरिका के साथ कतर की राजधानी दोहा में होने वाली संभावित वार्ता की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत तय नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू होने की स्थिति अभी नहीं बनी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रेस वार्ता में कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा का अमेरिकी अधिकारियों की यात्रा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दौरा केवल पहले हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रावधानों, विशेष रूप से अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- US-Iran Talks: 'स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरान से वार्ता के लिए जाएंगे दोहा', व्हाइट हाउस ने किया एलान
अंतिम समझौते की बातचीत अभी दूर
इस्माइल बघाई ने बताया कि 14 बिंदुओं वाले एमओयू के अनुच्छेद-13 के अनुसार अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी, जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा और लगातार जारी रहेगा। यानी पहले दोनों देशों को भरोसा बढ़ाने वाले शुरुआती कदम लागू करने होंगे, उसके बाद ही व्यापक समझौते पर औपचारिक वार्ता होगी। अनुच्छेद-11 के तहत अमेरिका को ईरान की प्रतिबंधित या फ्रीज की गई संपत्तियों और धन तक उसकी पहुंच बहाल करने के लिए जरूरी अनुमति और लाइसेंस जारी करने होंगे।
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ट्रंप ने किया था दोहा में बैठक का दावा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने अमेरिका से बैठक का अनुरोध किया है और दोनों देशों के प्रतिनिधि मंगलवार को दोहा में मिलेंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि 'ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है, यह कल दोहा में होगी'। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर दोहा जाएंगे। उनके अनुसार, यह बैठक ईरान के अनुरोध के बाद हो रही है और राष्ट्रपति ट्रंप पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
ईरान ने तकनीकी वार्ता की खबर भी खारिज की
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी कहा कि इस सप्ताह एमओयू के तहत किसी तकनीकी कार्य समूह की बैठक तय नहीं है। उन्होंने कहा कि कतर के साथ सामान्य स्तर पर बातचीत जारी है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि इस समय दोहा में तकनीकी वार्ता चल रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी स्तर की पहली बैठक तभी होगी, जब दोनों पक्ष तारीख और स्थान पर सहमत होंगे तथा आवश्यक परिस्थितियां पूरी हो जाएंगी।
यह भी पढ़ें- Heat: अमेरिका में भीषण गर्मी का कहर, कई राज्यों में आउटडोर गतिविधियां रद्द; लोगों के लिए कूलिंग सेंटर खोले गए
कतर निभा रहा है मध्यस्थ की भूमिका
कतर लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य कार्रवाई के बाद कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं। हालांकि, ट्रंप के दावों और ईरान के इनकार से यह साफ है कि दोनों देश फिलहाल बातचीत की स्थिति को लेकर अलग-अलग सार्वजनिक रुख अपना रहे हैं।
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अंतिम समझौते की बातचीत अभी दूर
इस्माइल बघाई ने बताया कि 14 बिंदुओं वाले एमओयू के अनुच्छेद-13 के अनुसार अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी, जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा और लगातार जारी रहेगा। यानी पहले दोनों देशों को भरोसा बढ़ाने वाले शुरुआती कदम लागू करने होंगे, उसके बाद ही व्यापक समझौते पर औपचारिक वार्ता होगी। अनुच्छेद-11 के तहत अमेरिका को ईरान की प्रतिबंधित या फ्रीज की गई संपत्तियों और धन तक उसकी पहुंच बहाल करने के लिए जरूरी अनुमति और लाइसेंस जारी करने होंगे।
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ट्रंप ने किया था दोहा में बैठक का दावा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने अमेरिका से बैठक का अनुरोध किया है और दोनों देशों के प्रतिनिधि मंगलवार को दोहा में मिलेंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि 'ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है, यह कल दोहा में होगी'। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर दोहा जाएंगे। उनके अनुसार, यह बैठक ईरान के अनुरोध के बाद हो रही है और राष्ट्रपति ट्रंप पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
ईरान ने तकनीकी वार्ता की खबर भी खारिज की
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी कहा कि इस सप्ताह एमओयू के तहत किसी तकनीकी कार्य समूह की बैठक तय नहीं है। उन्होंने कहा कि कतर के साथ सामान्य स्तर पर बातचीत जारी है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि इस समय दोहा में तकनीकी वार्ता चल रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी स्तर की पहली बैठक तभी होगी, जब दोनों पक्ष तारीख और स्थान पर सहमत होंगे तथा आवश्यक परिस्थितियां पूरी हो जाएंगी।
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कतर निभा रहा है मध्यस्थ की भूमिका
कतर लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य कार्रवाई के बाद कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं। हालांकि, ट्रंप के दावों और ईरान के इनकार से यह साफ है कि दोनों देश फिलहाल बातचीत की स्थिति को लेकर अलग-अलग सार्वजनिक रुख अपना रहे हैं।