फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   iran exiled prince reza pahlavi praise india iran ties said we can start new chapter

Iran: अमेरिका के ईरान पर हमले की आशंका गहराई, निर्वासित युवराज ने भारत के साथ संबंधों पर दिया बड़ा बयान

Sat, 17 Jan 2026 10:40 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 17 Jan 2026 10:40 AM IST
सार

ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने अमेरिका में शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के कई सवालों के जवाब दिए। इस दौरान भारत को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में रेजा पहलवी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को सराहा और कहा कि लोकतांत्रिक ईरान में भी दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे। शाह के इन बयानों के बाद माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर जल्द हमला कर सकता है।

विज्ञापन
iran exiled prince reza pahlavi praise india iran ties said we can start new chapter
ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी ने शुक्रवार को अपने एक बयान में भारत-ईरान संबंधों की तारीफ की और साथ ही कहा कि दोनों देश नए अध्याय की शुरुआत कर सकते हैं। रेजा पहलवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारत और ईरान के संबंध दशकों पुराने हैं और उन्होंने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक ईरान दौरे की यादें भी साझा कीं। रेजा पहलवी द्वारा भारत के साथ संबंधों को लेकर की गई बातचीत के बाद ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर हमला कर सकता है और रेजा पहलवी खुद को ईरान के अगले शाह के तौर पर पेश कर रहे हैं।
विज्ञापन


पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के भारत दौरे को किया याद
  • रेजा पहलवी ने कहा, भारत और ईरान के आधुनिक समय में संबंध मजबूत रहे हैं। रेजा पहलवी ने इंदिरा गांधी के ईरान दौरे को याद करते हुए कहा कि जब भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने ईरान का दौरा किया था, उस वक्त वे बहुत छोटे थे।
  • विज्ञापन
  • रेजा पहलवी ने भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध होने की भी बात कही।
  • ईरान में लोकतंत्र लाने की पैरवी करते हुए निर्वासित युवराज ने कहा, 'लोकतांत्रिक ईरान प्राकृतिक तौर पर उन देशों के साथ मजबूत संबंध रखेगा, जो लोकतांत्रिक ईरान की संप्रभुता और आजादी का सम्मान करेंगे।'
  • विज्ञापन
    विज्ञापन

ये भी पढ़ें-  Iran: सैन्य कार्रवाई की धमकी के बीच नरम पड़े तेवर, ईरान में 800 लोगों की फांसी रद्द, ट्रंप ने जताया आभार

शाह के शासनकाल में पाकिस्तान समर्थक रहा है ईरान
  • ईरान और भारत के सांस्कृतिक तौर पर मजबूत संबंध रहे हैं और ब्रिटिश काल में भारत और ईरान भौगोलिक तौर पर भी जुड़े हुए थे।
  • आजादी और बंटवारे के बाद भारत-ईरान का यह भौगोलिक जुड़ाव टूट गया। शाह के शासनकाल में ईरान का जुड़ाव पाकिस्तान के साथ ज्यादा रहा।
  • इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स के एक लेख के अनुसार, बंटवारे के बाद सबसे पहले पाकिस्तान को मान्यता देने वाले देशों में ईरान भी शामिल था।
  • साथ ही 1965 और 1971 की लड़ाई में भी ईरान ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया था। शाह के शासनकाल में ईरान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा दानदाता भी रहा था। 
  • हालांकि भारत और ईरान के संबंधों को बेहतर करने की कोशिशें जारी रहीं और 1969 में ईरान के शाह और फिर 1973 में तत्कालीन भारतीय पीएम इंदिरा गांधी ने ईरान का दौरा किया था। 
  • इंदिरा गांधी के ईरान दौरे से दोनों देशों के संबंधों में बेहतरी की शुरुआत हुई और जब भारत ने पहली बार परमाणु परीक्षण किया था तो उसके बाद साल 1974 में भी शाह ने भारत का दौरा किया था।
  • इसके बाद भारत ने ईरान से अपना तेल आयात बढ़ा लिया था। जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध बेहतर हुए। शाह के बाद इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ भी भारत के संंबंध बेहतर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed