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Iran Arrests British Deputy Ambassador: ईरान ने जासूसी के आरोप में ब्रिटिश उप राजदूत को किया गिरफ्तार
Thu, 07 Jul 2022 04:07 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, तेहरान।
एएनआई, तेहरान।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 07 Jul 2022 04:07 AM IST
सार
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने वीडियो फुटेज जारी करते हुए दावा किया कि जाइल्स व्हिटेकर को उस जगह के पास देखा गया था, जहां ईरानी सेना मिसाइल अभ्यास कर रही थी।
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ईरान में ब्रिटेन के मिशन के उप प्रमुख जाइल्स व्हिटेकर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ईरान में ब्रिटेन के मिशन के उप प्रमुख जाइल्स व्हिटेकर और कई अन्य शिक्षाविदों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। द जेरूसलम पोस्ट ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मिसाइल अभ्यास के दौरान निषिद्ध क्षेत्र से जासूसी करने और मिट्टी के नमूने लेने के आरोप में इन राजनयिकों को हिरासत में लिया है।
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आईआरजीसी ने वीडियो फुटेज जारी करते हुए दावा किया कि व्हिटेकर को उस जगह के पास देखा गया था, जहां ईरानी सेना मिसाइल अभ्यास कर रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उप राजदूत ने माफी मांग ली है और उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।
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जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, आईआरजीसी द्वारा हिरासत में लिए गए संदिग्धों में से एक ने एक विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक आदान-प्रदान के तहत देश में प्रवेश किया था। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि संदिग्ध ने कुछ इलाकों से मिट्टी का नमूना लिया था।
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यह दावा किया गया है कि राजनयिकों का उपयोग अक्सर सैन्य स्थलों की तलाश करने, उपकरण और युद्ध सामग्री की पहचान करने के लिए किया जाता रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राजनयिकों का इस्तेमाल "अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान की फाइल के सैन्य पहलुओं" से संबंधित एक नया मामला बनाने के लिए किया जा रहा था। यह उच्च स्तरीय गिरफ्तारी तब हुई है जब ईरान और विश्व शक्तियों के बीच परमाणु समझौते पर लौटने के लिए संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) का प्रयास रुका हुआ है।
ईरान ने जुलाई 2015 में विश्व शक्तियों के साथ जेसीपीओए पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत ईरान अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों को हटाने के बदले में अपने परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के लिए सहमत हुआ था। हालांकि, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2018 में वाशिंगटन को समझौते से बाहर कर दिया और ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगा दिए, जिससे ईरान ने समझौते के तहत अपनी कुछ प्रतिबद्धताओं से पीछे हट गया।
ईरानी परमाणु वार्ता अप्रैल 2021 में वियना में शुरू हुई थी, लेकिन इस साल मार्च में तेहरान और वाशिंगटन के बीच राजनीतिक मतभेदों के कारण स्थगित कर दी गई। अमेरिका ने शिकायत की है कि ईरान ने जेसीपीओए सौदे से असंबंधित नई मांगों को पटल पर लाया है। जबकि ईरानी अधिकारियों ने शिकायत की है कि अमेरिका समझौते पर लौटने से पहले प्रतिबंध हटाने को तैयार नहीं है।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के सचिव अली शामखानी ने बुधवार को कहा कि ईरान के खिलाफ "दमनकारी" अमेरिकी प्रतिबंधों को इस तरह से हटाया जाना चाहिए कि सभी देश अपने दीर्घकालिक हितों को बनाए रखते हुए ईरान में आसानी से निवेश कर सकें।
यह पहली बार नहीं है जब ब्रिटेन के किसी राजनयिक को ईरान में हिरासत में लिया गया है। जनवरी 2020 में, ईरान में ब्रिटेन के तत्कालीन राजदूत रॉब मैकेयर को उन 176 लोगों की निगरानी में गिरफ्तार किया गया था, जो यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस के विमान को आईआरजीसी द्वारा मार गिराए जाने पर मारे गए थे।