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शांति वार्ता बेपटरी: अराघची बोले-अमेरिका की अत्यधिक मांगें बनीं रोड़ा, ईरान पर हमले को तैयार ट्रंप सेना?
Sat, 23 May 2026 09:18 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, तेहरान।
एएनआई, तेहरान।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 23 May 2026 09:18 AM IST
सार
अमेरिका की अत्यधिक मांगों के कारण ईरान के साथ शांति वार्ताएं पूरी तरह खटाई में पड़ गई हैं। एक तरफ जहां तेहरान वाशिंगटन पर कूटनीति को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से छुट्टियां रद्द कर व्हाइट हाउस में डटे रहने और नए सैन्य हमलों की रणनीतिक तैयारियों ने क्षेत्र में युद्ध की आशंका को चरम पर पहुंचा दिया है।
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अब्बास अराघची, ईरान के विदेश मंत्री
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा कूटनीतिक गतिरोध अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। तेहरान ने वाशिंगटन पर शांति प्रयासों को पूरी तरह नाकाम करने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ फोन पर सीधी और विस्तृत बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगें ही जारी शांति वार्ताओं और युद्धविराम समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़ी हैं।
कूटनीति और समझौतों को तोड़ने का आरोप
विदेशी मीडिया अल जजीरा के हवाले से सामने आई इस खबर के मुताबिक, विदेश मंत्री अराघची ने बातचीत के दौरान अमेरिका की नीयत पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने लगातार अपने वादों को तोड़कर, विरोधाभासी रुख अपनाकर और सैन्य आक्रामकता दिखाकर कूटनीतिक प्रयासों को हमेशा कमजोर किया है। अराघची ने कहा कि इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और अमेरिकी दबाव की राजनीति के बावजूद तेहरान लगातार युद्धविराम वार्ताओं में सकारात्मक रूप से शामिल है और बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता तलाश रहा है। अराघची ने यह भी कहा कि एक तरफ सैन्य हमलों की धमकियां और दूसरी तरफ शांति का ढोंग, अमेरिका की यह विरोधाभासी और दबाव की राजनीति अब नहीं चलेगी। ईरान अपनी संप्रभुता की कीमत पर अमेरिका के आगे कभी घुटने नहीं टेकेगा।
यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट: फिर हमले की तैयारी में अमेरिका, जंग या शांति; किस मोड़ पर खड़ा है ईरान?
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व्हाइट हाउस में हलचल और सैन्य हमलों की आहट
इस बीच सुरक्षा के मोर्चे पर एक बेहद सनसनीखेज और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य हमले करने की गंभीर योजना बना रहा है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के हवाले से 'सीबीएस न्यूज' ने दावा किया है कि शुक्रवार को अमेरिकी प्रशासन ईरान पर हमलों के एक नए दौर की रणनीतिक तैयारियों में जुटा था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इन हमलों को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
इस संभावित सैन्य कार्रवाई की खबर मिलते ही अमेरिकी सेना और खुफिया समुदाय के कई बड़े अधिकारियों ने अपने 'मेमोरियल डे वीकेंड' की छुट्टियां और प्लान तक रद्द कर दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी न्यू जर्सी में अपने गोल्फ रिसॉर्ट पर वीकेंड बिताने और अपने बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की शादी में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की और कहा कि देशहित और सरकार से जुड़ी महत्वपूर्ण परिस्थितियों के कारण उनका इस समय व्हाइट हाउस में उपस्थित रहना बेहद जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र का रुख और शांति की अपील
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र के सूत्रों के मुताबिक महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है। गुटेरेस ने स्पष्ट शब्दों में किसी भी देश की संप्रभुता के खिलाफ बल प्रयोग या सैन्य कार्रवाई के विचार को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और शांति बहाल करने के लिए दोनों ही पक्षों से केवल और केवल कूटनीति का रास्ता अपनाने की पुरजोर वकालत की है।
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कूटनीति और समझौतों को तोड़ने का आरोप
विदेशी मीडिया अल जजीरा के हवाले से सामने आई इस खबर के मुताबिक, विदेश मंत्री अराघची ने बातचीत के दौरान अमेरिका की नीयत पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने लगातार अपने वादों को तोड़कर, विरोधाभासी रुख अपनाकर और सैन्य आक्रामकता दिखाकर कूटनीतिक प्रयासों को हमेशा कमजोर किया है। अराघची ने कहा कि इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और अमेरिकी दबाव की राजनीति के बावजूद तेहरान लगातार युद्धविराम वार्ताओं में सकारात्मक रूप से शामिल है और बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता तलाश रहा है। अराघची ने यह भी कहा कि एक तरफ सैन्य हमलों की धमकियां और दूसरी तरफ शांति का ढोंग, अमेरिका की यह विरोधाभासी और दबाव की राजनीति अब नहीं चलेगी। ईरान अपनी संप्रभुता की कीमत पर अमेरिका के आगे कभी घुटने नहीं टेकेगा।
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व्हाइट हाउस में हलचल और सैन्य हमलों की आहट
इस बीच सुरक्षा के मोर्चे पर एक बेहद सनसनीखेज और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य हमले करने की गंभीर योजना बना रहा है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के हवाले से 'सीबीएस न्यूज' ने दावा किया है कि शुक्रवार को अमेरिकी प्रशासन ईरान पर हमलों के एक नए दौर की रणनीतिक तैयारियों में जुटा था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इन हमलों को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
इस संभावित सैन्य कार्रवाई की खबर मिलते ही अमेरिकी सेना और खुफिया समुदाय के कई बड़े अधिकारियों ने अपने 'मेमोरियल डे वीकेंड' की छुट्टियां और प्लान तक रद्द कर दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी न्यू जर्सी में अपने गोल्फ रिसॉर्ट पर वीकेंड बिताने और अपने बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की शादी में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की और कहा कि देशहित और सरकार से जुड़ी महत्वपूर्ण परिस्थितियों के कारण उनका इस समय व्हाइट हाउस में उपस्थित रहना बेहद जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र का रुख और शांति की अपील
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र के सूत्रों के मुताबिक महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है। गुटेरेस ने स्पष्ट शब्दों में किसी भी देश की संप्रभुता के खिलाफ बल प्रयोग या सैन्य कार्रवाई के विचार को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और शांति बहाल करने के लिए दोनों ही पक्षों से केवल और केवल कूटनीति का रास्ता अपनाने की पुरजोर वकालत की है।