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पश्चिम एशिया संकट: फिर हमले की तैयारी में अमेरिका, जंग या शांति; किस मोड़ पर खड़ा है ईरान?
Sat, 23 May 2026 08:39 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, वाशिंगटन।
पीटीआई, वाशिंगटन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 23 May 2026 08:39 AM IST
सार
परमाणु डील पर जारी गतिरोध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आशंका चरम पर पहुंच गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पारिवारिक प्रतिबद्धताओं को छोड़कर व्हाइट हाउस में डेरा डाल दिया है, जिससे साफ है कि कूटनीति विफल होने पर एक बड़ा और निर्णायक सैन्य हमला किसी भी वक्त हो सकता है।
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पश्चिम एशिया संकट
- फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए हमलों को लेकर बेहद गंभीर हैं। अगर आखिरी समय में हो रही शांति वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकलता है, तो अमेरिका बड़ा सैन्य एक्शन ले सकता है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार सुबह अपने वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ बैठक की। इस बैठक में ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर गहन चर्चा की गई। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं। एक कतरी प्रतिनिधिमंडल भी आखिरी वक्त में समझौता कराने की कोशिशों में जुटा है।
रिपोर्ट के मुताबित, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ट्रंप बातचीत में कोई बड़ी सफलता न मिलने की स्थिति में नए हमलों पर विचार कर रहे हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख शनिवार को ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर जनरल अहमद वाहिदी से मुलाकात कर सकते हैं, जो ईरान के नीति-निर्धारण में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
वार्ता में गतिरोध और ट्रंप की नाराजगी
राजनयिक प्रयासों से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने इस बातचीत को कष्टदायक बताया है। उन्होंने कहा कि हर दिन ड्राफ्ट का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स शामिल थीं।
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व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, 'ईरान समझौता करने के लिए मर रहा है। देखते हैं क्या होता है? लेकिन हमने उन पर कड़ा प्रहार किया और हमारे पास कोई विकल्प नहीं था क्योंकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।' वहीं, स्वीडन में नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में मामूली प्रगति हुई है, लेकिन वे इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताना चाहते।
यह भी पढ़ें: बदला लेने की कोशिश कर रहा ईरान?: इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश का दावा, आरोपी मोहम्मद अल-सादी गिरफ्तार
बेटे की शादी में भी शामिल नहीं होंगे ट्रंप!
ट्रंप नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर एक राजनीतिक रैली के लिए न्यूयॉर्क गए थे। पहले उनका वीकेंड न्यू जर्सी के बेडमिंस्टर गोल्फ क्लब में बिताने का कार्यक्रम था, जिसे रद्द कर वे शुक्रवार शाम व्हाइट हाउस लौट आए। ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' अकाउंट पर लिखा कि वे सरकार से जुड़ी परिस्थितियों और देशप्रेम के कारण इस वीकेंड अपने बेटे डॉन जूनियर की शादी में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने वाशिंगटन में रहना जरूरी समझा।
उन्होंने लिखा कि इस वीकेंड उनके बड़े बेटे डॉन जूनियर की शादी होने जा रही है। ट्रंप इस बेहद खास पारिवारिक मौके पर अपनी नई बहू बेटिना और बेटे के साथ मौजूद रहना चाहते थे, लेकिन ईरान संकट से उपजी परिस्थितियों और देशप्रेम के कारण उन्होंने वहां न जाने का एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने साफ किया कि इस बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण समय में उनका वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में ही बने रहना देश के हित में सबसे ज्यादा जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ दिनों से ईरान के साथ चल रही बातचीत की धीमी रफ्तार से निराश हैं। मंगलवार को उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा था कि वे कूटनीति को एक और मौका देना चाहते हैं, लेकिन गुरुवार रात तक उनका झुकाव हमले की तरफ बढ़ गया। ट्रंप एक अंतिम निर्णायक सैन्य अभियान की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं, जिसके बाद वे जीत की घोषणा कर युद्ध समाप्त कर सकें।
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रिपोर्ट के मुताबित, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ट्रंप बातचीत में कोई बड़ी सफलता न मिलने की स्थिति में नए हमलों पर विचार कर रहे हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख शनिवार को ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर जनरल अहमद वाहिदी से मुलाकात कर सकते हैं, जो ईरान के नीति-निर्धारण में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
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वार्ता में गतिरोध और ट्रंप की नाराजगी
राजनयिक प्रयासों से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने इस बातचीत को कष्टदायक बताया है। उन्होंने कहा कि हर दिन ड्राफ्ट का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स शामिल थीं।
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व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, 'ईरान समझौता करने के लिए मर रहा है। देखते हैं क्या होता है? लेकिन हमने उन पर कड़ा प्रहार किया और हमारे पास कोई विकल्प नहीं था क्योंकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।' वहीं, स्वीडन में नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में मामूली प्रगति हुई है, लेकिन वे इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताना चाहते।
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बेटे की शादी में भी शामिल नहीं होंगे ट्रंप!
ट्रंप नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर एक राजनीतिक रैली के लिए न्यूयॉर्क गए थे। पहले उनका वीकेंड न्यू जर्सी के बेडमिंस्टर गोल्फ क्लब में बिताने का कार्यक्रम था, जिसे रद्द कर वे शुक्रवार शाम व्हाइट हाउस लौट आए। ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' अकाउंट पर लिखा कि वे सरकार से जुड़ी परिस्थितियों और देशप्रेम के कारण इस वीकेंड अपने बेटे डॉन जूनियर की शादी में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने वाशिंगटन में रहना जरूरी समझा।
उन्होंने लिखा कि इस वीकेंड उनके बड़े बेटे डॉन जूनियर की शादी होने जा रही है। ट्रंप इस बेहद खास पारिवारिक मौके पर अपनी नई बहू बेटिना और बेटे के साथ मौजूद रहना चाहते थे, लेकिन ईरान संकट से उपजी परिस्थितियों और देशप्रेम के कारण उन्होंने वहां न जाने का एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने साफ किया कि इस बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण समय में उनका वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में ही बने रहना देश के हित में सबसे ज्यादा जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ दिनों से ईरान के साथ चल रही बातचीत की धीमी रफ्तार से निराश हैं। मंगलवार को उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा था कि वे कूटनीति को एक और मौका देना चाहते हैं, लेकिन गुरुवार रात तक उनका झुकाव हमले की तरफ बढ़ गया। ट्रंप एक अंतिम निर्णायक सैन्य अभियान की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं, जिसके बाद वे जीत की घोषणा कर युद्ध समाप्त कर सकें।