Indian Navy: सिंगापुर पहुंचे आईएनएस दिल्ली, शक्ति और किल्टन, दक्षिण चीन सागर में तैनात होंगे तीनों भारतीय जहाज
वर्तमान में चीन दक्षिण चीन सागर में अपना कब्जा चाहता है। इस वजह से आसपास के अन्य देशों को परेशान करता रहता है। चीन फिलीपींस के नौसैनिक जहाजों के साथ गतिरोध में शामिल है।
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चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारतीय नौसेना अब दक्षिण चीन सागर में भी तैनात होने वाली है। भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के तीन जहाज दक्षिण चीन सागर में तैनाती के लिए सिंगापुर पहुंचे हैं। भारतीय नौसेना की यह कार्रवाई दोनों नौसेना के मजबूत संबंधों को स्पष्ट करती है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि रियर एडमिरल राजेश धनखा के नेतृत्व में आईएनएस दिल्ली, आईएनएस शक्ति और आईएनएस किल्टन सोमवार सिंगापुर पहुंचे हैं।
भारतीय उच्चायुक्त ने किया नौसैनिक दल का स्वागत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर में पदस्थ भारतीय राजदूत ने तीनों जहाज, नौसेना के जवानों और अधिकारियों का स्वाग्त किया। नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दो समुद्री देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता और सहयोग को और मजबूत करने के लिए तैयार है। बयान में मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा तैनाती दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाती है।"
दक्षिण चीन सागर में चीन का दबदबा
वर्तमान में चीन दक्षिण चीन सागर में अपना कब्जा चाहता है। इस वजह से आसपास के अन्य देशों को परेशान करता रहता है। चीन फिलीपींस के नौसैनिक जहाजों के साथ गतिरोध में शामिल है। दक्षिण चीन सागर में दूसरे थॉमस शोल पर फिलीपींस अपना दावा जताने की कोशिश कर रहा है और चीन इसका कड़ा विरोध कर रहा है।
चीन ने फिलीपींस जहाज को कर दिया था नष्ट
फिलीपींस तटरक्षक बल (पीसीजी) के प्रवक्ता जे तारिएला ने 30 अप्रैल को बताया था कि दो फिलीपीनी जहाज गश्त पर निकले थे। इस दौरान, चीन के सीसीजी जहाजों और समुद्री मिलिशिया के छह जहाजों ने उनके गश्ती जहाजों को घेर लिया। तट से 12 समुद्री मील दूर सीसीजी के एक जहाज ने पानी की बौछार से पीसीजी के एक जहाज पर हमला किया। वहीं, दो सीसीजी जहाजों ने पीसीजी के एक जहाज पर हमला किया। चीनी कार्रवाई के कारण फिलीपींस का एक जहाज क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, चीन ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि उन्होंने पीसीजी जहाजों को क्षेत्र से निष्कासित किया था क्योंकि वह क्षेत्र मछली पकड़ने के लिए है।
इससे पहले भी चीन दिखा चुका है हिमाकत
इससे पहले, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का एक सोरिंग ड्रोन WZ-7 फिलीपींस के करीब उड़ता दिखाई दिया था। ड्रोन पश्चिम फिलीपीन सागर के पास उड़ता देखा गया था। चीन के साथ दूसरे थॉमस शोल और स्कारबोरो शोल सहित अन्य क्षेत्रीय विवादों के बीच चीनी ड्रोन दिखना चिंताजनक है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयरफोर्स और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी द्वारा उड़ाए गए WZ-7 जेट-संचालित ड्रोन की सर्विस सीलिंग 60,000 फीट से अधिक है। इसकी रेंज लगभग 4,350 मील है। 2022 में भी यही ड्रोन ताइवान स्ट्रेट के पास उड़ता दिखा था।