रैन बसेरों के लिए ब्रिटेन में सरकार की नायाब पहल, बेघरों का आशियाना बनेंगी डबल डेकर बसें
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ऐसा नहीं कि बेघरों की संख्या भारत जैसे देशों में ही है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में यूरोपीय देश भी बेघर लोगों की समस्या से बुरी तरह जूझ रहे हैं। इसी का समाधान करने के लिए लंदन में बेघरों को राहत देने के मकसद से डबल डेकर बसों में रैन बसेरा बनाने की पहल की गई है। इस पहल से न सिर्फ लोगों को दोबारा रोजगार से जोड़ा जा सकेगा बल्कि उन्हें सामान्य जिंदगी में शामिल भी किया जा सकेगा।
लंदन में इस साल गर्मियों में 40 बेघर लोग डबल डेकर बसों में रहेंगे जहां मसाज टेबल, कुर्सी, हरे-भरे मैदान की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए चार पुरानी बसों को ब्रिटेन के सामाजिक उद्यम बसेस4होम्स ने खास तैयारी की है।
यहां सोने, भोजन करने, खाना पकाने, नौकरी के प्रशिक्षण और आराम करने की जगह है। डबल डेकर बसों की व्यवस्था इसलिए की गई है क्योंकि लंदन में रैन बसेरों में बिस्तरों की संख्या लगातार कम होने के कारण काफी लोगों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
बेघरों की तादाद 18 फीसदी बढ़ी
लंदन में बढ़ते किरायों, सरकारी भत्तों में कमी और सामाजिक आवास की कमी के बीच लगभग एक दशक से बेघरों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लंदन के मेयर की मदद से जमा डाटा के अनुसार, पिछले साल लंदन में घर के बाहर सोने वालों की संख्या में 18 प्रतिशत इजाफा हुआ और वह एक दशक के रिकॉर्ड 8,855 पर पहुंच गया है। इनमें ज्यादातर संख्या पार्कों या दरवाजों पर सोने वालों की थी।
नौकरी से जोड़ना भी है मकसद
इस बेड़े में बेघर लोग यात्री बनकर माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस स्किल कोर्स से लेकर प्रेजेंटेशन वर्कशॉप तक की कुशलता हासिल कर सकते हैं। ये पाठ्यक्रम प्रशिक्षण और मेंटरिंग प्रमुख जोनाथन फाल चलाएंगे। फाल ने कहा, मेरा मकसद बेघर लोगों को रोजगार के योग्य बनाना और उन्हें नौकरी के अवसरों से जोड़ना है। बस के साथ अच्छी बात यह है कि हम इसे कहीं भी ले जा सकते हैं।