फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   inflation in pakistan above sky, now imran khan trying to revive

पाकिस्तान बेहाल: आसमान छू रहे गेहूं और चीनी के दाम, अब जागी इमरान सरकार

Tue, 11 Feb 2020 03:23 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 11 Feb 2020 03:23 AM IST
विज्ञापन
inflation in pakistan above sky, now imran khan trying to revive
इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

पाकिस्तान में महंगाई दर पिछले 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। महंगाई का आलम यह है कि देश में आटा, चीनी और गेहूं के दाम आसमान छू गए हैं और आम आदमी दाने-दाने को मोहताज हो रहा है। पीएम इमरान खान के लिए भी हालात संभालना बहुत आसान नहीं रहा है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने ट्वीट किया है कि वे खाद्य पदार्थों के दाम गिराने के लिए जल्द कदम उठाएंगे।

विज्ञापन


पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इमरान खान के हवाले से लिखा है कि वे लोगों के गुस्से को समझ रहे हैं और मंगलवार को कैबिनेट बैठक में खाद्य वस्तुओं के दाम कम करने के लिए कुछ न कुछ करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी एजेंसियों ने आटे और चीनी की बढ़ती कीमतों की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


इमरान ने कहा है कि जो लोग भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। बता दें कि पाकिस्तान में कराची, हैदराबाद और लाहौर में आटे की कीमत 70 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंचने के कारण एक रोटी के दाम 15 रुपये तक पहुंचे हैं। जबकि चीनी के थोक दाम 80 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। ऐसे में यदि चीनी के निर्यात को जल्द नहीं रोका गया तो इसके थोक दाम 100 रु. से भी ज्यादा हो सकते हैं। उधर, रसोई गैस की कीमत में पांच फीसदी का और इजाफा होने जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से बढ़ी खाद्य कीमतें

पाकिस्तान में आटे के संकट की शुरुआत पिछले महीने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत और सिंध से उस समय हुई जब ट्रांसपोर्टर पेट्रोल की कीमतें बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए हड़ताल पर चले गए। इससे सिंध में आटे की सप्लाई रुक गई। इसके अलावा कराची तथा पंजाब के बीच आटे को ले जाने पर रोक लगा दिया गया जिससे आटे के दाम बढ़ गए।

इमरान ने कड़े कदम उठाए तो लोगों में बढ़ेगा गुस्सा

पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जनवरी में मुद्रास्फीति दर पिछले वर्ष से बढ़कर 14.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो कि दिसंबर-2019 के 12.6 प्रतिशत के मुकाबले दो प्रतिशत अधिक है।

इस तरह देश में मुद्रास्फीति की दर पिछले 12 वर्षो में सबसे ऊंची पहुंच गई है। बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए इमरान सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे जिससे लोगों में गुस्सा और बढ़ेगा।

देश में बढ़ती कीमतों की वजह से चौतरफा आलोचना झेल रहे, खान ने शनिवार को अपने आर्थिक टीम के सदस्यों को मुख्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed