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इंडोनेशिया: गिरजाघर के बाहर आत्मघाती हमला, 14 लोग घायल, जांच के आदेश

Sun, 28 Mar 2021 05:14 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sun, 28 Mar 2021 05:14 PM IST
सार

  • गिरजाघर के बाहर प्रार्थना के बाद आत्मघाती हमलावरों ने किया विस्फोट
  • घटना में कई लोग हुए घायल
  • अस्पताल में कराए गए भर्ती

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Indonesia Two people committed suicide attack outside the church many injured
इंडोनेशिया में एक रोमन कैथोलिक गिरजाघर के बाहर हुआ आत्मघाती हमला - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर रविवार की प्रार्थना के दौरान एक रोमन कैथोलिक गिरजाघर के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कर दिया। इस हमले में कम से कम 14 लोग घायल हो गए। हमले के दौरान गिरजाघर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।

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एक वीडियो में दक्षिण सुलावेसी प्रांत के मकास्सर शहर में ‘सैक्रेड हार्ट ऑफ जीसस कैथेड्रल’ के प्रवेश द्वार पर जली हुई मोटरसाइकिल के पास मानव शरीर के बिखरे हुए अंग देखे गए।
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कैथोलिक पादरी विलहेल्मस तुलक ने पत्रकारों को बताया कि प्रार्थना के दौरान धमाके की तेज आवाज सुनी गई। पूर्वाह्न साढ़े दस बजे जब बम विस्फोट हुआ, तब वह ईस्टर से पहले के पवित्र सप्ताह की शुरुआत के मौके पर प्रार्थना सभा का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब विस्फोट हुआ तो गिरजाघर आने वालों का पहला समूह बाहर जा रहा था जबकि अन्य समूह अंदर आ रहा था।
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तुलक ने बताया कि गिरजाघर के सुरक्षाकर्मियों को संदेह है कि मोटरसाइकिल पर आए दो लोग गिरजाघर में प्रवेश करना चाहते थे और उन्होंने उन्हें रोका तो उनमें से एक ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।

पुलिस ने बताया कि घायलों में चार सुरक्षाकर्मी और गिरजाघर आने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्ति मारे गए या केवल एक की मौत हुई।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दिसंबर में जेमाह इस्लामिया के नेता आरिस सुमरसोनो की गिरफ्तारी के बाद से ही इंडोनेशिया में अत्यधिक सतर्कता बरतने की चेतावनी है।

दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया 2002 में बाली द्वीप पर हुए विस्फोटों में 202 लोगों के मारे जाने के बाद से चरमपंथियों से संघर्ष कर रहा है। इस हमले में मारे गए ज्यादातर लोग विदेशी पर्यटक थे।

राष्ट्रपति जोको विडोडो ने रविवार को हुए हमले की निंदा की और कहा कि इसका किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि सभी धर्म इस तरह के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

विडोडो ने टेलीविजन पर दिए संबोधन में कहा, ‘मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं क्योंकि देश आपको बिना किसी डर के पूजा करने की गारंटी देता है।’ उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि सरकार उनके इलाज का खर्च वहन करेगी।

राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख को हमले की जांच करने तथा इसमें शामिल किसी भी आतंकी संगठन पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

राष्ट्रीय पुलिस प्रवक्ता आर्गो युवोनो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलिस दोनों हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जिन्होंने शक्तिशाली विस्फोटकों का इस्तेमाल किया।

उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या उनका संबंध प्रतिबंध जेमाह इस्लामिया के स्थानीय समूह से था।

इंडोनेशिया के आतंकवाद रोधी दस्ते ने कई प्रांतों में करीब 64 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। पुलिस तथा धार्मिक स्थलों पर हमलों की आशंका की खुफिया सूचना मिलने के बाद ये गिरफ्तारियां हुई थीं।


अदालत ने 2008 में जेमाह इस्लामिया पर प्रतिबंध लगाया था और उसके बाद की गई कार्रवाई में यह समूह कमजोर हो गया था। दूसरे देशों में इस्लामिक स्टेट के हमलों के बाद हाल के वर्षों में एक नया खतरा पैदा हो गया है।

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