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Cryptocurrency: अमेरिकी अदालत ने भारतवंशी को हिरासत में रखने का दिया आदेश, बिटकॉइन लॉन्ड्रिंग का लगा है आरोप
Thu, 01 Jun 2023 07:05 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 01 Jun 2023 07:05 PM IST
सार
डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की जिला अदालत के न्यायाधीश डेबने एल फ्रिडरिच ने सुनवाई पूरी होने तक पटेल को हिरासत में रखने का आदेश दिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अमेरिका की एक जिला अदालत ने बिटकॉइन लॉन्ड्रिंग मामले में भारत-कनाडाई फिरोज पटेल को हिरासत में रखने का आदेश दिया है। मामला 2.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य के बिटकॉइन से जुड़े धनशोधन मामले से जुड़ा है। इसकी जानकारी अमेरिका के न्याय विभाग ने दी। न्याय विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई अभियोग लगाए जाने के बाद की गई।
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विभाग ने बुधवार को जारी विज्ञप्ति में बताया कि प्याजा डॉट कॉम के पूर्व संचालक फिरोज पटेल पर 17 मई को दो अभियोग तय किए गए जिनमें धनशोधन का मामला और उल्लेखित गैरकानूनी गतिविधि से प्राप्त संपत्ति में मौद्रिक लेन देन से जुड़ा मामला शामिल है। विज्ञप्ति के मुताबिक डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की जिला अदालत के न्यायाधीश डेबने एल फ्रिडरिच ने सुनवाई पूरी होने तक पटेल को हिरासत में रखने का आदेश दिया।
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कंपनी के जरिये 25 करोड़ डॉलर से अधिक का लेनदेन किया
बयान में कहा गया कि फिरोज के भाई फरहान (42) को भी यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ऑफ कोलंबिया ने बिना लाइसेंस इंटरनेट आधारित धन सेवा कारोबार करने के लिए अभियोजित किया था। न्याय विभाग ने बताया कि उक्त कंपनी के जरिये 25 करोड़ डॉलर से अधिक का लेनदेन किया।
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प्याजा डॉट कॉम के माध्यम से आरोपी एक धन-प्रेषण व्यवसाय चलाते थे जो आवश्यक राज्य लाइसेंस के बिना संचालित होता था और अवैध गतिविधि से प्राप्त धन को जानबूझकर प्रेषित करता था। अपने याचिका समझौते के तहत, फिरोज पटेल को अमेरिकी सरकार को सभी ज्ञात संपत्तियों का खुलासा करना आवश्यक था।
अदालत ने किसी भी संपत्ति, वास्तविक या व्यक्तिगत, शामिल अपराध के लिए एक जब्ती का फैसला भी दर्ज किया था, जिसके लिए फिरोज को दोषी ठहराया था। 10 नवंबर, 2020 को फिरोज को 36 महीने जेल की सजा सुनाई गई और उन्हें रिपोर्टिंग की तारीख दी गई। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, अपनी सजा और रिपोर्टिंग की तारीखों के बीच, पटेल ने अमेरिकी डॉलर की हेराफेरा की।