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उपलब्धि: भारत की कृतिका पांडे को मिला राष्ट्रमंडल-20 लघुकथा सम्मान
Thu, 02 Jul 2020 04:44 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क।
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 02 Jul 2020 04:44 AM IST
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कृतिका पांडे
- फोटो : Social Media
भारत में झारखंड की कृतिका पांडे को राष्ट्रमंडल-2020 (कॉमनवेल्थ) का लघुकथा सम्मान दिया गया है। 29 वर्षीय कृतिका को यह सम्मान ‘द ग्रेट इंडियन टी एंड स्नैक्स’ कहानी के लिए मिला है। कृतिका को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में इस सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने कहा, यह सम्मान बेटियों को उनके सपनों पर भरोसा करने में मदद करेगा।
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रांची निवासी कृतिका को एशिया रीजन के लिए यह सम्मान मिला है। उनकी कहानी ‘द ग्रेट इंडियन टी एंड स्नैक्स’ दो युवाओं की कहानी है जो समाज की सदियों पुरानी बंदिशों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। घृणा और पक्षपात के युग में कोई कैसे प्यार करता है, ये इस कहानी में बताया गया है।
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यह कहानी एक हिंदू लड़की की एक मुस्लिम लड़के के प्यार में पड़ने की है, जिसमें बताया गया है कि कैसे ये दोनों युवा नफरत और पक्षपात के दौर में प्यार के विचार को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कृतिका फिलहाल एमहर्टस के मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री लेने के बाद एमएफए कर रही हैं। उन्होंने कहा वे पिछले कई वर्षों से वह कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज की विजेता कहानियों को पढ़ रही थीं। कृतिका की कहानियां अब ग्रांता जैसी पत्रिका में प्रकाशित होंगी, जो सम्मान की बात मानी जाती है।
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प्रत्येक विजेता को मिलते हैं 2.4 लाख रुपये
राष्ट्रमंडल लघुकथा पुरस्कार 2012 से अप्रकाशित सर्वश्रेष्ठ कहानी के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार एशिया, पेसिफिक, अफ्रीका, कनाडा, यूरोप और कैरेबियन के पांच रीजन के विजेताओं दिया जाता है। प्रत्येक विजेता को 2,500 पाउंड (लगभग 2.4 लाख रुपये) मिलते हैं और सभी विजेता को कुल 5,000 (लगभग 4.72 लाख रुपये) मिलते हैं।
jharkhand author kritika pandey wins commonwealth short story prize