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ताइवान पर भारत का चीन को जवाब, पूरी तरह मुक्त है हमारा मीडिया
Fri, 09 Oct 2020 05:54 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 09 Oct 2020 05:54 AM IST
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव
- फोटो : एएनआई
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ताइवान दिवस से पहले भारतीय मीडिया को चीनी दूतावास की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर पलटवार करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को कहा, भारत में मीडिया पूरी तरह मुक्त है। वह जरूरी मुद्दों पर खुलकर खबरें दिखाती और छापती है।
चीनी दूतावास के पत्र के बाद विदेश मंत्रालय ने किया पलटवार
चीनी दूतावास ने भारतीय मीडिया को पत्र लिखकर राष्ट्रीय ताइवान दिवस से पहले देश की ‘वन चाइना’ नीति का उल्लंघन नहीं करने की सलाह दी थी। पत्र में लिखा गया कि चीन से कूटनीतिक रिश्ते रखने वाले सभी देशों को वन चाइना नीति का सम्मान करना चाहिए। भारत सरकार लंबे समय से इसका पालन कर रहा है। सात अक्तूबर के इस पत्र में लिखा था कि हम भारतीय मीडिया से उम्मीद करते हैं कि वह ताइवान को लेकर सरकार के रुख का पालन करेगा और वन चाइना नीति का उल्लंघन नहीं करेगा।
दूतावास का यह पत्र कुछ प्रमुख भारतीय अखबारों में 10 अक्तूबर को होने वाले ताइवान राष्ट्रीय दिवस को लेकर ताइवान सरकार के विज्ञापन छपने के बाद आया। चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया कि ताइवान चीन का अटूट हिस्सा है और भारत के उसके साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।
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गौरतलब है कि भारत ने 1955 में ताइपे में भारत-ताइपे एसोसिएशन की स्थापना की थी ताकि दोनों के बीच व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके। इस एसोसिएशन के जरिये हर तरह की राजनयिक एवं पासपोर्ट सेवा भी मुहैया कराई जाती थीं। इसी वर्ष ताइवान ने भी दिल्ली में ताइपे आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना की थी।
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चीनी दूतावास के पत्र के बाद विदेश मंत्रालय ने किया पलटवार
चीनी दूतावास ने भारतीय मीडिया को पत्र लिखकर राष्ट्रीय ताइवान दिवस से पहले देश की ‘वन चाइना’ नीति का उल्लंघन नहीं करने की सलाह दी थी। पत्र में लिखा गया कि चीन से कूटनीतिक रिश्ते रखने वाले सभी देशों को वन चाइना नीति का सम्मान करना चाहिए। भारत सरकार लंबे समय से इसका पालन कर रहा है। सात अक्तूबर के इस पत्र में लिखा था कि हम भारतीय मीडिया से उम्मीद करते हैं कि वह ताइवान को लेकर सरकार के रुख का पालन करेगा और वन चाइना नीति का उल्लंघन नहीं करेगा।
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दूतावास का यह पत्र कुछ प्रमुख भारतीय अखबारों में 10 अक्तूबर को होने वाले ताइवान राष्ट्रीय दिवस को लेकर ताइवान सरकार के विज्ञापन छपने के बाद आया। चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया कि ताइवान चीन का अटूट हिस्सा है और भारत के उसके साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।
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गौरतलब है कि भारत ने 1955 में ताइपे में भारत-ताइपे एसोसिएशन की स्थापना की थी ताकि दोनों के बीच व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके। इस एसोसिएशन के जरिये हर तरह की राजनयिक एवं पासपोर्ट सेवा भी मुहैया कराई जाती थीं। इसी वर्ष ताइवान ने भी दिल्ली में ताइपे आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना की थी।