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ब्रिटेन में भारतीय मूल की 11 साल की लड़की ने किया कमाल, मेनसा टेस्ट में किया टॉप

Mon, 17 Jun 2019 08:59 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 17 Jun 2019 08:59 AM IST
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Indian origin 11 year old schoolgirl has secured highest possible marks on British Mensa test
जिया को मेनसा टेस्ट में सबसे ज्यादा अंक मिले हैं - फोटो : Facebook

भारतीय मूल की 11 साल की एक लड़की ने ब्रिटिश मेनसा टेस्ट में टॉप स्थान हासिल किया है। उसे हाई आईक्यू वाले मेनसा सदस्यता क्लब में आमंत्रित किया गया है। इस लड़की का नाम जिया वदुचा है। उसे हाल ही में कैटल 3 बी पेपर में सबसे ज्यादा अंक मिले हैं। जिया की मां बिजल ने कहा, 'माता-पिता होने के नाते हमें जिया की उपलब्धि पर नाज है। बहुत छोटी सी उम्र से उसने उच्च बुद्धि वाले व्यक्ति की विशेषताओं को प्रदर्शित किया था लेकिन 162 अंक प्राप्त करके उसने हमें हैरान कर दिया है।'

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जिया की मां अपने पति जिग्नेश के साथ शैनेल सॉल्यूशंस लिमिटेड नाम से एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंसी चलाती हैं। उन्होंने कहा, 'अब हमारे लिए वास्तविक कार्य शुरू हो गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसे वह अवसर मिले जहां वह अपनी क्षमता को पूरा कर सके।' उनका परिवार मुंबई में रहता है। देशभर से दोस्त और रिश्तेदार जिया को बधाई दे रहे हैं। परिणाम घोषित होने के बाद वह एक मिनी सेलिब्रेटी बन गई है क्योंकि उसके कुछ सहपाठी उससे ऑटोग्राफ ले रहे हैं।
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बिजल ने कहा, 'अकाउंटेंट, आईटी सलाहकार और परिवार के व्यवसाय से जुड़े लोगों से घिरे होने के कारण, जिया किसी भी ऐसे पेशे से बचना चाहती है जो उसे एक कमरे में बांध दे। उसकी महत्वाकांक्षा कला और संगीत के क्षेत्र में अपने मजबूत शैक्षणिक आधार का उपयोग करना है। जिसका वह पूरे दिल से आनंद उठाती है।' मेनसा की सदस्यता उन सभी के लिए खुली है जो शीर्ष दो प्रतिशत में आईक्यू प्रदर्शित कर सकते हैं।
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ब्रिटिश मेनसा के मुख्य कार्यकारी जॉन स्टेवेनेज ने कहा, 'इतने अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए जिया को बहुत शुभकामनाएं। मुझे उम्मीद है कि वह मेनसा की सदस्यता का इस्तेमाल नए लोगों से मिलने और नई चीजों को सीथने के लिए करेगी।' इस संस्थान ने हालांकि अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग जैसे जीनियस से तुलना को गलत बताया क्योंकि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि उन्होंने इस तरह का कोई टेस्ट दिया था। टेस्ट में 162 नंबर लाना बहुत मुश्किल है।
 

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