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यूएस: भारतवंशी डॉक्टर का कमाल, कोरोना रोगी के फेफड़े का किया प्रत्यारोपण
Sun, 12 Jul 2020 04:13 AM IST
अवधेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 12 Jul 2020 04:13 AM IST
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कोरोनावायरस से प्रभावित फेफड़े
- फोटो : Sky News
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अमेरिका में भारतीय मूल के एक डॉक्टर के नेतृत्व में सर्जनों ने कोविड-19 की वजह से खराब हो गए फेफड़ों का प्रत्यारोपण किया। इसके पहले भी इसी टीम ने एक महिला में फेफड़ों का प्रत्यारोपण किया था। कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद से अमेरिका में वह इस तरह की पहली सर्जरी मानी गई थी।
इलिनोइस के एक 60 वर्षीय कोविड-19 रोगी को एक्सट्रॉस्पोरियल झिल्ली ऑक्सीकरण (ईसीएमओ) पर 100 दिन के लिए रखा गया। यह एक ऐसी लाइफ सपोर्ट मशीन है, जो हृदय और फेफड़ों का काम करती है। अस्पताल ने एक बयान में कहा कि उन्हें शिकागो में नॉर्थवेस्टर्न मेमोरियल अस्पताल में पिछले सप्ताह प्रत्यारोपण के लिए मिला था।
नार्थवेस्टर्न मेडिसिन फेफड़ा प्रत्यारोपण कार्यक्रम के थोरेसिक (वक्ष से संबंधित) सर्जरी प्रमुख और सर्जिकल निदेशक डॉ. अंकित भारत ने बताया की कोविड मरीज के लिए नए फेफड़े का प्रत्यारोपण करने से पहले गैर-कोविड मरीजों पर प्रत्यारोपण किए गए। डॉ. अंकित भरत ने सात दिनों में सात फेफड़ों का प्रत्यारोपण किया है।
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इलिनोइस के एक 60 वर्षीय कोविड-19 रोगी को एक्सट्रॉस्पोरियल झिल्ली ऑक्सीकरण (ईसीएमओ) पर 100 दिन के लिए रखा गया। यह एक ऐसी लाइफ सपोर्ट मशीन है, जो हृदय और फेफड़ों का काम करती है। अस्पताल ने एक बयान में कहा कि उन्हें शिकागो में नॉर्थवेस्टर्न मेमोरियल अस्पताल में पिछले सप्ताह प्रत्यारोपण के लिए मिला था।
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नार्थवेस्टर्न मेडिसिन फेफड़ा प्रत्यारोपण कार्यक्रम के थोरेसिक (वक्ष से संबंधित) सर्जरी प्रमुख और सर्जिकल निदेशक डॉ. अंकित भारत ने बताया की कोविड मरीज के लिए नए फेफड़े का प्रत्यारोपण करने से पहले गैर-कोविड मरीजों पर प्रत्यारोपण किए गए। डॉ. अंकित भरत ने सात दिनों में सात फेफड़ों का प्रत्यारोपण किया है।
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