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भारतीय राजनयिक का ट्रंप के मध्यस्थता वाले बयान पर टिप्पणी से इनकार, कहा- इंतजार कीजिए
Tue, 24 Sep 2019 12:30 PM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 24 Sep 2019 12:30 PM IST
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नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कश्मीर मसले पर भारत और पाकिस्तान को मध्यस्थता करने का प्रस्ताव दिया है। इसपर भारत के एक वरिष्ठ राजनयिक ने टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने पत्रकारों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच वार्ता होने तक इंतजार करने को कहा है। ट्रंप ने इमरान के साथ मुलाकात में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बहुत ही आक्रामक बयान सुना है।
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ट्रंप ने सोमवार को खुद को बेहतरीन मध्यस्थकर्ता बताते हुए कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता को तैयार हैं यदि दोनों देश सहमत होते हैं। उन्होंने हाउडी मोदी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के बयान को आक्रामक बताया। ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसपर आतंकवाद का समर्थन करने की बात कही थी।
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विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) ए गीतेश शर्मा ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा, 'कल (मंगलवार) प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बैठक है। तो हमें बैठक का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने यह जवाब उस सवाल पर दिया जिसमें उनसे अमेरिकी राष्ट्रपति के मध्यस्थता करने के दोबारा प्रस्ताव पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया था।'
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ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर कार्यक्रम में जब इमरान खान से मुलाकात की तो इस दौरान उन्होंने मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया। कश्मीर को लेकर भारत का रुख साफ है और वह कई बार कह चुका है कि यह उसका द्विपक्षीय मामला है। किसी भी तीसरे पक्ष को इसमें हस्तक्षेप की इजाजत नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इसी तरह के सवाल पर मंगलवार की बैठक का इंतजार करने को कहा। कुमार ने कहा, 'सचिव की प्रतिक्रिया (द्विपक्षीय बैठक की प्रतीक्षा करने के लिए) सोच विचार के बाद आई है। आप जानते हैं कि आप हमारी स्थिति से परिचित हैं। हम इसके बारे में अतीत में भी कह चुके हैं। मेरा अनुरोध है कि आप इंतजार करें। मुझे लगता है कि इसमें ज्यादा देर नहीं है।'