{"_id":"5c0e2c47bdec2241716757d2","slug":"indian-diplomat-getout-of-saarc-meeting-in-protest-of-presence-of-minister-of-pok","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीओके के मंत्री की मौजूदगी के विरोध में दक्षेस की बैठक से बाहर निकले भारतीय राजनयिक","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पीओके के मंत्री की मौजूदगी के विरोध में दक्षेस की बैठक से बाहर निकले भारतीय राजनयिक
भाषा, इस्लामाबाद
Updated Mon, 10 Dec 2018 02:35 PM IST
विज्ञापन
पीओके
पाकिस्तान में भारतीय उच्चयोग के एक अधिकारी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के एक मंत्री की मौजूदगी पर विरोध जताते हुए दक्षेस की बैठक का बहिर्गमन कर दिया।
एक सूत्र ने यहां यह जानकारी दी।
रविवार को इस्लामाबाद में ‘दक्षेस चार्टर दिवस’ के मौके पर दक्षेस वाणिज्य एवं उद्योग मंडल की बैठक में पीओके के मंत्री चौधरी मोहम्मद सईद की मौजूदगी पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए भारतीय राजनयिक शुभम सिंह बैठक छोड़ कर चले गए।
भारत कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के किसी भी मंत्री को मान्यता नहीं देता है। उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुए भयावह आतंकी हमले के विरोध में भारत ने वर्ष 2016 में इस्लामाबाद में होने वाले 19वें दक्षेस शिखर सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था।
विज्ञापन
उसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसके मद्देनजर दक्षेस शिखर सम्मेलन ही रद्द कर दिया गया था। उसके बाद से दक्षेस की कोई बैठक नहीं हुई है।
विज्ञापन
एक सूत्र ने यहां यह जानकारी दी।
रविवार को इस्लामाबाद में ‘दक्षेस चार्टर दिवस’ के मौके पर दक्षेस वाणिज्य एवं उद्योग मंडल की बैठक में पीओके के मंत्री चौधरी मोहम्मद सईद की मौजूदगी पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए भारतीय राजनयिक शुभम सिंह बैठक छोड़ कर चले गए।
विज्ञापन
भारत कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के किसी भी मंत्री को मान्यता नहीं देता है। उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुए भयावह आतंकी हमले के विरोध में भारत ने वर्ष 2016 में इस्लामाबाद में होने वाले 19वें दक्षेस शिखर सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था।
विज्ञापन
उसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसके मद्देनजर दक्षेस शिखर सम्मेलन ही रद्द कर दिया गया था। उसके बाद से दक्षेस की कोई बैठक नहीं हुई है।