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भारतीय अमेरिकी सासंद प्रमिला जयपाल ने कहा- अमेरिकी लोगों को ट्रंप पर नहीं विश्वास

Mon, 17 Sep 2018 01:13 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 17 Sep 2018 01:13 PM IST
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indian american member of house said- Americans dont trust trump anymore
प्रमिला जयपाल
2016 में अमरिकी चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप पर जारी जांच के बीच भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगायें हैं। अमेरिकी कांग्रेस की नेता और सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा है कि अमेरिकी लोग ये महसूस कर रहे हैं कि अब वो ट्रंप पर भरोसा नहीं करते। राष्ट्रपति चुनाव में रूस की कथित भूमिका पर एफबीआई की जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं उससे ये हजम करना मुश्किल है कि ट्रंप को कोई जानकारी नहीं थी कि उनके कैम्पेन में क्या चल रहा था। 
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भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल का ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका के फेडेरल कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सहयोगी पॉल मनाफोर्ट की जमानत रद्द करते हुए न्याय में बाधा पहुंचाने का हवाला देकर उन्हें जेल भेज दिया। एफबीआई के जांचकर्ता रॉबर्ट मुलर ने कहा था कि मनाफोर्ट और उनके एक सहयोगी ने मामले में गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की। मुलर 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में रूस की कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं।
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प्रमिला जयपाल ने ट्रंप के पूर्व सहयोगी पॉल मनाफोर्ट को हुई सजा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये आप इस मामले पर क्या सोचते हैं, ये एक व्यक्ति पर लगे आरोप की बात नहीं है बल्कि उन उच्च सलाहकार, कैम्पेन चलाने वाले ,कैम्पेन मैनेजर, डेप्युटी मैनेजर और राष्ट्रपति के निजी वकील की भी है जिन्हे फेडेरल अदालत ने दोषी मानते हुए सजा दी है। अगर ये सभी रूस के हस्तक्षेप जैसे गंभीर मामले से जुड़े हुए थे तो ये कैसे हो सकता है कि जिसके लिए कैंपेन कर रहे थे उन्हे कुछ मालूम नहीं था। हमें अभी और इंतजार करना होगा,ताकि राष्ट्रपति चुनाव में रूस के हस्तक्षेप में ट्रंप की भूमिका के बारे में पता चल सके। 
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रूस के हस्तक्षेप के मसले पर अमेरिकी लोग ट्रंप पर यकीन खो चुके हैं। लोगों का मानना है कि एफबीआई के जांचकर्ता मूलर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और जांच जारी रहनी चाहिए। अमेरिका की जनता मानती है कि हमारे चुनाव में किसी अन्य देश का हस्तक्षेप बेहद अपमानजनक है। इस प्रकरण के पीछे जो लोग हैं उन्हे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

भ्रष्टाचार,लालच के इस खेल के बारें में आप मनाफोर्ट की चार्जशीट से ही अंदाजा लगा सकते हैं। साफ है कि रूसी हस्तक्षेप की जांच कर रही एफबीआई के काम में ट्रंप के कैंपेन मैनेजर ने बाधा पहुंचाने की पूरी कोशिश की जिसे सही मानते हुए अदालत ने जेल की सजा सुनाई। यही शख्स राष्ट्रपति का कैंपेन चला रहा था बल्कि कोई और चला रहा था। तो क्या आप नहीं समझ पा रहे कि ये कितना गंभीर मामला है।

लोग अब इस मामले में ट्रंप की जांच भी चाहते हैं। पिछले अठारह महीने में आप अमेरिका की हालत देखिये । स्वास्थ सेवा सबसे ज्यादा चरमराई हुई है। लोग चाहते हैं की राष्ट्रपति ट्रंप देश के विकास को लेकर ज्यादा गंभीरता से काम करें और ध्यान एकत्रित करें। पर ट्रंप को ट्वीट के जरिए विवाद में रहने और लोगप्रियता हासिल करने से फुर्सत ही नहीं।


प्रमिला जयपाल ने रिपब्लिकन पार्टी की निंदा करते हुए उन्हे पूरी तरह से विफल बताया। उनके मुताबिक लोगों की स्वास्थ सेवा इस समय देश की सबसे बड़ी समस्या बन के उभरी है जिस पर ट्रंप की पार्टी और सरकार का कोई ध्यान नहीं।

 
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