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यूएन: अकबरुद्दीन ने फिर किया पाक को बेनकाब, कहा- वह जितना नीचे झुकेगा, हम उतना ऊंचा उठेंगे
Fri, 20 Sep 2019 09:02 AM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
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Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 20 Sep 2019 09:02 AM IST
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सैयद अकबरूद्दीन
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा है कि यूएन के उच्चस्तरीय महासभा सत्र में पाक अपना स्तर नीचा गिराकर कश्मीर का मुद्दा उठा सकता है। लेकिन इससे भारत का स्तर ऊंचा होगा। गौरतलब है कि पाक प्रधानमंत्री ने पिछले महीने ही कहा था कि वे यूएन महासभा में कश्मीर मुद्दे को उठाएंगे।
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मीडिया से बातचीत के दौरान इस पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए अकबरुद्दीन ने कहा कि हमने उन्हें (पाकिस्तान) को मुख्यधारा में लाते हुए देखा है। अब वह नफरत से भरे बयानों को यूएन में लाना चाहते हैं। अगर उन्हें यह करना है तो ये उनकी सोच होगी। लेकिन इससे उनका स्तर नीचे गिरेगा।
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बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 27 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने को कहा है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसी दिन महासभा को संबोधित करेंगे।
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इमरान के साथ-साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री खान यूएन महासभा में अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे।
गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन से पूछा गया कि क्या उन्हें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान कश्मीर मुद्दा सामने आएगा, और यदि ऐसा है, तो भारत कैसे निपटेगा।
इसके जवाब में अकबरुद्दीन ने कहा कि यूएन में एक देश फिर वही पुराने राग को दोहराएगा। हर देश के पास विकल्प है कि वह वैश्विक प्लेटफॉर्म पर किस तरह खुद को किस तरह पेश करेगा। कुछ देश अपनी बातों को रखने के लिए नीचा गिर सकते हैं, लेकिन हमें भरोसा है कि हमारा स्तर ऊपर उठेगा। आप जितना नीचे गिरेंगे, हम उतना ऊपर आएंगे।
अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत पहले भी अपने ऊपर उठने के उदाहरण पेश कर चुका है। यूएन में हमारी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत भी यही दिखाएंगी कि भारत कैसे ऊपर उठेगा। कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की योजनाओं और प्राथमिकताओं की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बहुपक्षीय और द्विपक्षीय व्यस्तताओं और बैठकों के ढेर सारे उदाहरण इस बात को रेखांकित करते हैं कि भारत कितना ऊंचा उठेगा।
पांच अगस्त को भारत ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने के बाद पाकिस्तान के साथ तनाव बढ़ गया, कश्मीर पर भारत के कदम के बाद से ही पाकिस्तान ने सभी राजनयिक संबंधों को कम कर दिया, साथ ही पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को भी निष्कासित कर दिया।
पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है लेकिन भारत ने यह मान लिया है कि अनुच्छेद 370 का हटाना उसका आंतरिक मामला था। नई दिल्ली ने भी इस्लामाबाद को वास्तविकता को स्वीकार करने और भारत विरोधी बयानबाजी को रोकने के लिए कहा है।