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कोरोना: बहुपक्षीय सहयोग के लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया

Sat, 12 Sep 2020 10:59 AM IST
Tanuja Yadav संयुक्त राष्ट्र, पीटीआई
संयुक्त राष्ट्र, पीटीआई Published by: Tanuja Yadav Updated Sat, 12 Sep 2020 10:59 AM IST
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India votes in favour of UNGA resolution calling for multilateral cooperation to combat COVID
united nation

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत समेत 168 देशों ने कोविड-19 प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। यह प्रस्ताव सबसे बड़ी वैश्विक चुनौतियों में से एक का जवाब देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की पुष्टि करता है और इस प्रकोप के जवाब में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख नेतृत्व की भूमिका को स्वीकार करता है।

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हालांकि अमेरिका ने इस संदर्भ में आपत्ति जताई है कि उसने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। शुक्रवार को महासभी के सभी 193 सदस्यों ने कोविड-19 के व्यापक और समन्वित प्रतिक्रिया को अपनाया। हालांकि अमेरिका और इजराइल ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया और यूक्रेन और हंगरी इससे बचे।
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यूएन महासभा के लिए भारत के डिप्टी स्थायी प्रतिनिधि के नागाराज नायडू ने ट्वीट कर लिखा कि भारत ने यूएन महासभा में कोविड-19 के सभी प्रस्तावों के पक्ष में वोट किया है। यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय सहयोग, बहुपक्षीय वार्ता और हर स्तर पर एकजुटता की पुष्टि करता है।
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भारत का मानना है कि इन्हीं सब तरीकों से ही इस बीमारी और उसके परिणामों से लड़ा जा सकता है। यह प्रस्ताव इस प्रकोप के जवाब में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख नेतृत्व की भूमिका को स्वीकार करता है। यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्य नहीं है।

महासभा के अध्यक्ष तिज्जानी मुहम्मद-बंदे का कहना है कि यह प्रस्ताव बहुत शक्तिशाली और महत्वाकांक्षी है। ये दर्शाता है कि इस महामारी से लड़ने के लिए सभी सदस्य देश किस तरह से एकजुट होकर काम कर रहे हैं। प्रस्ताव यूएन सचिव एंटोनिओ गुटेरस की अपील का समर्थन करता है, जिसमें कहा गया है कि एक तत्काल युद्ध विराम की जरुरत है। इसमें मरीजों की जान बचाने से लेकर कूटनीति तक के लिए दरवाजे खोलने की बात शामिल है।

प्रस्ताव सदस्य राज्यों को अग्रिम, दृढ़, साहसिक और ठोस कार्यों के साथ महामारी के तत्काल सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को दूर करने के लिए कहता है, हालांकि जब तक सतत विकास लक्ष्यों को ना हासिल कर लिया जाए। अपने मत का पक्ष रखते हुए अमेरिका का कहना है कि प्रस्ताव में विश्व स्वास्थ्य संगठन के संदर्भों को से सहमत नहीं है। 

अमेरिका ने कोरोना को लेकर सच छुपाने पर चीन की आलोचना भी की। चीन के वुहान से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी। अमेरिका ने कहा अगर चीन एक जिम्मेदार सरकार की तरह व्यवहार करता तो शायद कोरोना से होने वाले नुकसान में थोड़ी कमी आती। 

अमेरिका ने कहा कि ना सिर्फ चीन ने बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी दुनिया को गुमराह किया। डब्ल्यूएचओ में सुधार की जरुरत है, जिसमें संगठन को चीन से स्वतंत्र होकर काम करके दिखाना होगा। अमेरिका ने इसलिए ही प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया है

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