{"_id":"61b77d7d164c1535af2ff2d4","slug":"india-voted-against-a-unsc-draft-resolution-that-attempted-to-securitize-climate-action-says-permanent-mission-of-india-to-united-nations-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"UNSC: भारत ने किया यूएनएससी के मसौदा प्रस्ताव के खिलाफ मतदान, जलवायु चुनौतियों से संबंधित है मामला","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UNSC: भारत ने किया यूएनएससी के मसौदा प्रस्ताव के खिलाफ मतदान, जलवायु चुनौतियों से संबंधित है मामला
Mon, 13 Dec 2021 10:36 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 13 Dec 2021 10:36 PM IST
सार
भारत ने कहा है कि जलवायु कार्रवाई और न्याय को लेकर हम किसी से पीछे नहीं हैं लेकिन इन मुद्दों के लिए यूएनएससी उचित मंच नहीं है।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति
- फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला जिसमें यूएनएससी ने जलवायु परिवर्तन को वैश्विक सुरक्षा चुनौती से जोड़ने की बात कही है। भारत ने कहा कि यह प्रस्ताव ग्लासगो शिखर सम्मेलन में बेहद कठिनाई से बनी सहमति के खिलाफ है।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा, जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय के मामले में भारत किसी से पीछे नहीं है लेकिन इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद सही जगह नहीं है। वास्तव में यह प्रस्ताव उचित मंच पर इसकी जिम्मेदारी उठाने से बचने की इच्छा से प्रेरित है और दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश है।
विज्ञापन
दुनिया के 15 देशों की सदस्यता वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की शक्तिशाली संस्था सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए तिरुमूर्ति ने कहा, यूएनएससी का आज का प्रस्ताव ग्लासगो में हम जिस सहमति पर पहुंचे हैं उसे नष्ट करने का प्रयास है। ये प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों में मतभेद का बीच बोएगा।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र में ये प्रस्ताव नाइजर और आयरलैंड ने संयुक्त रूप से पेश किया है। प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से मांग की गई है कि जलवायु संबंधित सुरक्षा जोखिम को ‘समग्र विवाद रोधी रणनीति’ का मुख्य घटक बनाया जाए।