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भारत अगस्त 2021 में बनेगा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष
Fri, 19 Jun 2020 11:02 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 19 Jun 2020 11:02 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के अस्थायी तौर पर चुना गया भारत अगस्त, 2021 में 15 देशों की शक्तिशाली परिषद का अध्यक्ष पद संभालेगा। हर सदस्य देश बारी-बारी से एक महीने के लिए अध्यक्षता करता है। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता कार्यालय के अनुसार, भारत अगस्त, 2021 और फिर 2022 में फिर एक महीने के लिए अध्यक्ष बनेगा।
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जानकारी के मुताबिक, अगले साल जनवरी में ट्यूनीशिया अध्यक्ष पद संभालेगा। इसके बाद ब्रिटेन, अमेरिका, वियतनाम, चीन, एस्टोनिया, फ्रांस, भारत, आयरलैंड, केन्या, मेक्सिको और नाइजर एक-एक महीने के लिए अध्यक्ष बनेंगे। भारत को सुरक्षा परिषद चुनाव में मिले जबरदस्त समर्थन की मदद से दो साल के लिए अस्थायी सदस्य चुना गया है।
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पांच अस्थायी सीटों के लिए हुए चुनाव में एशिया-प्रशांत देशों की श्रेणी से उम्मीदवार भारत को 192 में 184 वोट मिले। भारत का दो साल का कार्यकाल एक जनवरी, 2021 से शुरू होगा। भारत के अलावा आयरलैंड, मैक्सिको, केन्या और नॉर्वे भी चुने गए हैं।
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इस साल खत्म होगा पांच देशों का कार्यकाल
भारत सुरक्षा परिषद में नॉर्वे, केन्या, आयरलैंड, मेक्सिको और स्थायी सदस्यों चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, अमेरिका और अस्थायी सदस्यों एस्टोनिया, नाइजर, सेंट विंसेंट, ट्यूनीशिया और वियतनाम के साथ बैठेगा। बेल्जियम, डोमिनिकन रिपब्लिक, जर्मनी, इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका का दो साल का कार्यकाल इस साल खत्म हो जाएगा। इससे पहले, भारत 1950-51, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 तथा 2011-2012 में परिषद का अस्थायी सदस्य बना था।
सुधार प्रक्रिया को तेज करेगा भारत
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, परिषद की सदस्यता 21वीं सदी की भौगोलिक वास्तविकता को नहीं दर्शाती है। इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है। यह हमारी पांच शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
तिरुमूर्ति ने कहा, 2008 में आमसभा के प्रस्ताव के मुताबिक, सुरक्षा परिषद के सुधारों पर सदस्य देशों द्वारा अंतर सरकार वार्ता (आईजीएन) पर चर्चा होनी थी। आईजीएन में पहले दौर की चर्चा 11 साल पहले 19 फरवरी, 2009 में हुई थी। यह बेहद असंतोषजनक स्थिति है। हम सभी सदस्यों के साथ सुधार प्रक्रिया को तेज करेंगे।