फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India supports Palestine's membership at UN; says only two-State solution will deliver enduring peace

UN: भारत का संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन की सदस्यता को समर्थन, कहा- सार्थक बातचीत से हल होगा दो देशों का विवाद

Tue, 14 May 2024 06:12 PM IST
मिथिलेश नौटियाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Tue, 14 May 2024 06:12 PM IST
सार

UN: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन की सदस्यता का समर्थन करते हुए कहा है कि प्रत्यक्ष और सार्थक बातचीत के जरिए दो देशों के बीच पनपे विवाद का हल निकाला जा सकता है। 

विज्ञापन
India supports Palestine's membership at UN; says only two-State solution will deliver enduring peace
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज - फोटो : PTI

विस्तार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन की सदस्यता का समर्थन किया है। भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि प्रत्यक्ष और सार्थक बातचीत के माध्यम से दो देशों के बीच विवाद का हल निकाला जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने एक प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि फलस्तीन इस योग्य है कि उसे संयुक्त राष्ट्र के पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। 

विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन की सदस्यता का समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज का कहना है ‘हम संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन की सदस्यता का समर्थन करते हैं। हमने इस प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया है। हमें उम्मीद है कि सुरक्षा परिषद द्वारा फलस्तीन के आवेदन को स्वीकार किया जाएगा और संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के लिए उसके प्रयास सफल होंगे।’
विज्ञापन


फलस्तीन के पक्ष में 143 सदस्यों ने किया मतदान
दरअसल बीते शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में अरब देशों के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। प्रस्ताव में कहा गया था कि यूएन में नए सदस्यों को शामिल करना चाहिए। यह भी मांग की गई कि फलस्तीन को यूएन की पूर्ण सदस्यता दी जाए। संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यों की महासभा में इस प्रस्ताव पर वोटिंग करवाई गई। प्रस्ताव के पक्ष में भारत समेत 143 देशों ने मतदान किया। नौ सदस्यों ने इसके खिलाफ वोटिंग की, जबकि 25 सदस्य अनुपस्थित रहे। इसके बाद यह तय किया गया है कि फलस्तीन संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के लिए योग्य देश है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने 2012 फलस्तीन को एक गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य का दर्जा दिया है। यह दर्जा फलस्तीन को यूएन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति देता है। लेकिन, संयुक्त राष्ट्र महासभा में आने वाले प्रस्तावों पर फलस्तीन मतदान नहीं कर सकता है।


'इस्राइल-फलस्तीन के बीच बातचीत से निकलेगा हल' 
रुचिरा कंबोज ने कहा है कि इस्राइल और फलस्तीन के बीच चल रहे युद्ध का हल सार्थक बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीते सात महीनों से युद्ध के चलते मानवता पर संकट बना हुआ है और अब तक बहुत सारे लोग मारे गए हैं। कंबोज ने कहा कि इस युद्ध के दौरान आम नागरिकों की मौत का भारत विरोध करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बातचीत से इस युद्ध का हल निकालना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed