फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India Said Kashmir never been on UNs Right of Peoples to Self determination agenda

कश्मीर कभी भी संयुक्त राष्ट्र के 'लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार' के एजेंडे में नहीं रहा: भारत

Fri, 01 Nov 2019 11:38 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला Published by: योगेश साहू Updated Fri, 01 Nov 2019 11:38 AM IST
विज्ञापन
India Said Kashmir never been on UNs Right of Peoples to Self determination agenda
संयुक्त राष्ट्र (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र की विधान समिति की सामान्य बैठक में जम्मू-कश्मीर पर एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। दरअसल बैठक में पाकिस्तान ने यह मुद्दा उठाया था। जिसके जवाब में भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, संयुक्त राष्ट्र के 'लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार' के एजेंडे में कभी भी नहीं रहा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपनी 'क्षेत्रीय अभिलाषाओं' को पूरा करने के लिए वहां 'उन्मादी प्रयास' कर रहा है।

विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र की महासभा समिति में पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी ने कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए एक बार फिर इसे सामाजिक, मानवीय और मानवाधिकारों के मुद्दों से संबंधित बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के संकल्प 11 के अनुसार अपने आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए कश्मीरी इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन


इस एजेंडे का तात्पर्य लोगों के 'आत्मनिर्णय के अधिकार' से है। हालांकि, एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा इसका एक अन्य स्थिति के साथ भ्रमित करके जो उपनिवेशवाद या विदेशी वर्चस्व के संदर्भ से संबंधित नहीं है, एक बार फिर दुरुपयोग किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत के स्थायी मिशन के पहले सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने बुधवार को महासभा की बैठक में 'आत्मनिर्णय के लिए लोगों के अधिकार' पर तीसरे दौर की चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल अपनी क्षेत्रीय अभिलाषाओं की पूर्ति करने और विश्वसनीयता हासिल करने के लिए उन्मादी प्रयासों के साथ इस महत्वपूर्ण एजेंडे को जम्मू-कश्मीर का हवाला देकर तोड़-मरोड़ कर दिखाने में कोई संकोच नहीं कर रहा है।

त्रिपाठी ने पलटवार करते हुए कहा कि सच्चाई यह है कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के लोगों के आत्मनिर्णय के एजेंडे में कभी नहीं रहा है। दस्तावेज ए/74/309 को एक सरसरी निगाह से पढ़ते हुए स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा परिकल्पित स्व-निर्णय के एजेंडे में जम्मू और कश्मीर शामिल नहीं है।


यह बात करते हुए उन्होंने आत्मनिर्णय के लोगों के अधिकार के सार्वभौमिक बोध पर महासचिव की रिपोर्ट का संदर्भ भी दिया। त्रिपाठी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प के हवाले से इस प्रतिनिधिमंडल का झुकाव जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को चर्चा के दौरान आत्मनिर्णय के मुद्दे के रूप में पेश करना है।

यही वजह है कि समिति ने अपने मंच का इस प्रकार से दुरुपयोग होने देने के ऐसे प्रयासों के खिलाफ सतर्कता बरती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed