फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India said at UNHRC In Sri Lanka own interest that expectations of Tamils for equality and justice are fulfilled

यूएनएचआरसी: भारत की श्रीलंका से अपील, कहा- न्याय और समानता की तमिलों की मांग पूरे होने से आपका ही फायदा

Sat, 05 Mar 2022 04:24 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sat, 05 Mar 2022 04:24 PM IST
सार

यूएनएचआरसी में भारत ने श्रीलंका से अपील की है। भारत ने कहा कि न्याय और समानता की तमिलों की मांग पूरी होने से श्रीलंका का ही फायदा है। भारत ने कहा कि यह श्रीलंका के अपने हित में है कि वहां तमिलों की समानता, न्याय, शांति और सम्मान की उम्मीदें पूरी हों। 
 

विज्ञापन
India said at UNHRC In Sri Lanka own interest  that expectations of Tamils for equality and justice are fulfilled
इंद्र मणि पांडेय - फोटो : social media

विस्तार

यूएनएचआरसी में भारत ने श्रीलंका से अपील की है। भारत ने कहा कि न्याय और समानता की तमिलों की मांग पूरी होने से श्रीलंका का ही फायदा है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और जेनेवा में राजदूत इंद्रमणि पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि एक मित्र और पड़ोसी होने के नाते भारत ने लंका में तमिलों के अधिकारों की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता को हमेशा पूरा किया है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि लेकिन यह श्रीलंका के अपने हित में है कि वहां तमिलों की समानता, न्याय, शांति और सम्मान की उम्मीदें पूरी हों। 

विज्ञापन


राजदूत इंद्रमणि पांडेय ने शुक्रवार को ये बयान उच्चायुक्त की मानवाधिकारों की रिपोर्ट पर दिया। इस रिपोर्ट में श्रीलंका में सामन्जस्य, जवाबदेही और मानवाधिकारों को बढावा देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के मित्र और जिम्मेदार पड़ोसी होने के नाते भारत ने निरंतर श्रीलंका में तमिलों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने का आह्वान किया है। 
विज्ञापन


इंद्रमणि पांडेय ने कहा कि भारत का मानना है कि यह उसके अपने हित में है कि संयुक्त श्री लंका में समानता, न्याय,शांति और सम्मान की तमिलों की अपेक्षा को पूरा किया जाए। गौरतलब है कि श्रीलंका में तमिल समुदाय के साथ शक्तियों के विकेंद्रीकरण करने वाले श्रीलंकाई संविधान के 13वें संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भारत ने निरंतर चाहता है कि  श्रीलंकाई संविधान के 13वें संशोधन (जिसे 13ए के रूप में भी जाना जाता है) को श्रीलंका में सत्ता के हस्तांतरण पर तमिलों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक उपकरण के रूप में प्रयोग करे। 


इस संशोधन का उद्देश्य श्रीलंका में प्रांतीय परिषदों का निर्माण करना और अंग्रेजी को लिंक भाषा के रूप में संरक्षित करते हुए सिंहली और तमिल को राष्ट्रीय भाषाओं के रूप में सक्षम बनाना है। यह संशोधन श्रीलंका के नौ प्रांतों में से प्रत्येक में उत्तर और पूर्वी प्रांतों के अस्थायी विलय के साथ निर्वाचित परिषदों में लाया गया था, जिसे लिट्टे ने तमिल हार्टलैंड कहा है।



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed