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आतंकियों को पनाह देने वाले पाक की भारत ने संयुक्त राष्ट्र में लगाई 'क्लास'
Wed, 11 Mar 2020 05:59 PM IST
अमित कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
Published by: अमित कुमार
Updated Wed, 11 Mar 2020 05:59 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र में रचिता भंडारी
- फोटो : ANI
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अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे पर बार-बार मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है। संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को फिर से उठाने की कोशिश करने वाले पाक को भारत ने कड़ा जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र में बुधवार को भारत की ओर से रचिता भंडारी ने पाक की जमकर क्लास ली।
जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत की स्थायी दूत रचिता भंडारी ने पाक को कड़े जवाब दिए। उन्होंने कहा कि क्या पाकिस्तान इस बात को नकार सकता है कि उसके यहां 130 नामित आतंकवादी और 25 आतंकी संगठन मौजूद हैं। यही नहीं ये आतंकी वहां खुलेआम चुनाव लड़ते हैं। उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करते हैं।
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रचिता भंडारी ने जेनेवा स्थित UNHRC में कहा, 'क्या पाकिस्तान इस तथ्य को नकार सकता है कि यूएनएससी प्रस्ताव के तहत पाकिस्तान से पहला कदम उठाते हुए पीओके से पीछे हटने को कहा गया है? सात दशकों में अभी तक पाक की ओर से यह नहीं किया गया है।' उन्होंने आगे कहा कि भारत सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं है बल्कि मजबूत कार्यात्मक और जीवंत भी है। जिसे उस विफल देश की सीख की जरूरत नहीं है, जो न तो लोकतंत्र स्थापित कर सका और न ही मानवाधिकारों को सुरक्षित रख सका।
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जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत की स्थायी दूत रचिता भंडारी ने पाक को कड़े जवाब दिए। उन्होंने कहा कि क्या पाकिस्तान इस बात को नकार सकता है कि उसके यहां 130 नामित आतंकवादी और 25 आतंकी संगठन मौजूद हैं। यही नहीं ये आतंकी वहां खुलेआम चुनाव लड़ते हैं। उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करते हैं।
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Right of Reply by India's Rachita Bhandari, Permanent Mission of India, at UN Human Rights Council,Geneva: Can Pak deny that it's home to130 UN designated terrorists&25 terrorist entities listed by UN,&that these proscribed individuals have actively campaigned/contested in polls? pic.twitter.com/KIzV1v8AFy
— ANI (@ANI) March 11, 2020
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रचिता भंडारी ने जेनेवा स्थित UNHRC में कहा, 'क्या पाकिस्तान इस तथ्य को नकार सकता है कि यूएनएससी प्रस्ताव के तहत पाकिस्तान से पहला कदम उठाते हुए पीओके से पीछे हटने को कहा गया है? सात दशकों में अभी तक पाक की ओर से यह नहीं किया गया है।' उन्होंने आगे कहा कि भारत सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं है बल्कि मजबूत कार्यात्मक और जीवंत भी है। जिसे उस विफल देश की सीख की जरूरत नहीं है, जो न तो लोकतंत्र स्थापित कर सका और न ही मानवाधिकारों को सुरक्षित रख सका।