फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India raised demand of change in Security Council is necessary reforms should be done in time

UN: भारत ने यूएन में उठाई बड़ी मांग, कहा- अब सुरक्षा परिषद में बदलाव जरूरी, वक्त रहते सुधार हो

Fri, 18 Jul 2025 06:10 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 18 Jul 2025 06:10 PM IST
सार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में ‘भविष्य के लिए समझौते’ को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यूएनएससी में समयबद्ध सुधार की मांग की। भारत ने कहा कि सुरक्षा परिषद में बदलाव 21वीं सदी की हकीकतों को दर्शाना चाहिए। राजदूत पर्वतनैनी हरीश ने वैश्विक संस्थाओं के साथ समन्वय और 2028 की समीक्षा प्रक्रिया को नतीजा आधारित बनाने पर जोर दिया।

विज्ञापन
India raised demand of change in Security Council is necessary reforms should be done in time
संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत पर्वतनैनी हरीश - फोटो : X/India at UN, NY

विस्तार

भारत ने दुनिया की साझी चुनौतियों पर नई दिशा में कदम बढ़ाते हुए संयुक्त राष्ट्र में ‘भविष्य के लिए समझौते’ पर अपना मजबूत समर्थन दोहराया है। इसी के साथ भारत ने समयबद्ध और ठोस तरीके से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार की मांग भी दोहराई है। भारत का कहना है कि अब इस संस्था को 21वीं सदी की हकीकतों के अनुरूप बनाना जरूरी है।
विज्ञापन


भारत के स्थायी प्रतिनिधि और संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत पर्वतनैनी हरीश ने न्यूयॉर्क में गुरुवार को एक अनौपचारिक संवाद के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार अब भी उपेक्षित क्षेत्रों में हैं और इसमें तेजी लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश देश इस बात से सहमत हैं कि सुरक्षा परिषद को आज के वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य के अनुसार बदलना चाहिए।
विज्ञापन


भविष्य के लिए समझौते पर भारत की बात
भारत ने 'भविष्य के लिए समझौते' के प्रभावी क्रियान्वयन और साल 2028 में होने वाली इसकी समीक्षा प्रक्रिया को परिणाम आधारित और भविष्य की ओर उन्मुख रखने की बात कही। राजदूत हरीश ने कहा कि भारत सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर इस समझौते की सफलता के लिए काम करता रहेगा। यह समझौता सितंबर 2024 में ‘समिट फॉर फ्यूचर’ के दौरान अपनाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- पाकिस्तान में बारिश-बाढ़ से एक दिन में 63 मौतें: अब तक 250 मरे, क्यों-कैसे हर साल पड़ोसी देश में आती है तबाही?


जी20 से लेकर आईएमएफ तक समन्वय की जरूरत
राजदूत हरीश ने अपने भाषण में यह भी कहा कि जी20, डब्ल्यूटीओ, वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ जैसी वैश्विक संस्थाओं के साथ 'भविष्य के लिए समझौते' के क्रियान्वयन में पूर्ण समन्वय जरूरी है, ताकि वैश्विक दृष्टिकोण और निर्णय एकजुट और संतुलित हों। भारत ने इन संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने के अपने अनुभव और मंशा को भी साझा किया।

ये भी पढे़ं- रूसी पत्रकार की रिपोर्ट से अटका किम का टूरिज्म प्लान, मेगा रिजॉर्ट में विदेशी पर्यटकों पर लगी रोक

यूएनजीए अध्यक्ष को सौंपी हिंदी प्रति
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष फिलेमन यांग को भारत ने 'भविष्य के लिए समझौते' की हिंदी अनुवादित प्रति भी भेंट की। भारत ने कहा कि यह कदम वैश्विक दस्तावेजों में भाषाई समावेशिता और स्थानीय भाषाओं के महत्व को रेखांकित करता है। भारत का मानना है कि वैश्विक सहयोग तभी मजबूत होगा जब वह स्थानीय आवाजों और संस्कृतियों को भी स्थान देगा।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed