{"_id":"60578ab18ebc3ec39c36cc3b","slug":"india-pakistan-china-joint-exercise-sco-initiative-against-terrorism-decision-in-tashkent-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत-पाक-चीन साझा अभ्यास: आतंकवाद के खिलाफ शंघाई सहयोग संगठन ने की पहल, ताशकंद बैठक में फैसला","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
भारत-पाक-चीन साझा अभ्यास: आतंकवाद के खिलाफ शंघाई सहयोग संगठन ने की पहल, ताशकंद बैठक में फैसला
Sun, 21 Mar 2021 11:34 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 21 Mar 2021 11:34 PM IST
विज्ञापन
Indian army women
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यदि सब कुछ ठीक रहा तो भारत, पाकिस्तान और चीन इस साल आतंकवाद के खिलाफ साझा अभ्यास करेंगे। यह पहल शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तहत हो रही है। दरअसल भारत में आतंकवाद के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार है और चीन उसका मददगार। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि इन दोनों के साथ साझा अभ्यास किस स्तर का होगा।
विज्ञापन
पब्बी-एंटी टेरर-2021 दिया गया नाम
आठ सदस्यीय संगठन एससीओ की ओर से संयुक्त अभ्यास की जानकारी दी गई है। उज्बेकिस्तान के ताशकंद में 18 मार्च को क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे की परिषद (आरएटीएस) की 36वीं बैठक में संयुक्त अभ्यास 'पब्बी-एंटी टेरर-2021' करने का फैसला किया गया। एससीओ के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने बैठक में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ने के लिए 2022-24 के लिहाज से सहयोग के कार्यक्रम के मसौदे को मंजूरी भी दी।
विज्ञापन
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने आरएटीएस के एक बयान के हवाले से कहा कि आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण वाले चैनलों को चिह्नित करने और उन्हें दबाने में एससीओ के सदस्य देशों के सक्षम अधिकारियों के बीच सहयोग बढ़ाने का फैसला किया गया है।
विज्ञापन
ताशकंद में है आरएटीएस मुख्यालय
शिन्हुआ की खबर के अनुसार भारत, कजाकिस्तान, चीन, किर्गीज गणराज्य, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान के सक्षम अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल तथा आरएटीएस की कार्यसमिति ने बैठक में भाग लिया। आरएटीएस का मुख्यालय ताशकंद में है। यह एससीओ का स्थायी अंग है, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सदस्य देशों के सहयोग को बढ़ाने के लिए काम करता है।