फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India in UNSC ambassador P Harish West Asia crisis ceasefire and release of all hostages Dialogue diplomacy

UNSC में भारत की दो टूक: 'युद्धविराम और सभी बंधकों की रिहाई हो'; गाजा में स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था तबाह हुई

Thu, 24 Jul 2025 10:30 AM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 24 Jul 2025 10:30 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने UNSC की बैठक में फलस्तीन और पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर भारत का रूख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से मानवीय संकट को तत्काल दूर करने का पक्षधर रहा है। जानिए उन्होंने और क्या कहा?

विज्ञापन
India in UNSC ambassador P Harish West Asia crisis ceasefire and release of all hostages Dialogue diplomacy
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पी. हरीश - फोटो : एएनआई

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने फलस्तीनी मुद्दे सहित पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर भारत का रुख साफ किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की त्रैमासिक खुली बहस के दौरान भारत का पक्ष रखते हुए कहा, 'आगे का रास्ता साफ है, और भारत इस संबंध में लगातार आगे बढ़ता रहा है। मानवीय त्रासदी जारी नहीं रहनी चाहिए। संकटग्रस्त इलाकों में निरंतर और समय पर मानवीय सहायता सुरक्षित तरीके से पहुंचनी चाहिए।'
विज्ञापन


बुनियादी चीजों की कमी से जूझ रहे लोग
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि 'बिगड़ती मानवीय स्थिति से निपटने के लिए केवल हमलों पर रोक ही काफी नहीं है। हरीश ने कहा, 'लोगों के सामने आने वाली मानवीय चुनौतियों के समाधान के लिए हमलों में रुक-रुक कर विराम ही पर्याप्त नहीं है। गाजा में लोग हर दिन भोजन और ईंधन की भारी कमी, अपर्याप्त चिकित्सा सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच जैसी बुनियादी चीजों की कमी से जूझ रहे हैं।' उन्होंने गाजा में स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा व्यवस्था की लगातार तबाह होती स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
विज्ञापन



विज्ञापन
विज्ञापन



ये भी पढ़ें-  Columbia: कोलंबिया विश्वविद्यालय की ट्रंप प्रशासन से डील, संघीय फंडिंग के बदले सरकार को मिलेंगे 22 करोड़ डॉलर


'लाखों बच्चे नहीं जा पर रहे स्कूल'
पी. हरीश ने कहा, 'डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि गाजा के लगभग 95 प्रतिशत अस्पताल क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके हैं। मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, 6,50,000 से ज्यादा बच्चे 20 महीनों से ज्यादा समय से स्कूली शिक्षा से वंचित हैं।' उन्होंने कहा कि 'युद्धविराम के साथ सभी बंधकों को रिहाई होनी चाहिए। पी. हरीश ने कहा, शांति का कोई विकल्प नहीं है। युद्धविराम लागू होना चाहिए। सभी बंधकों को रिहा किया जाना चाहिए। इन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए संवाद और कूटनीति ही एकमात्र विकल्प हैं। इसके अलावा कोई अन्य समाधान नहीं है।'

फलस्तीन का किया समर्थन
हरीश ने फलस्तीन के प्रति भारत के ऐतिहासिक समर्थन को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि 'भारत के फलस्तीनी भाइयों और बहनों के साथ ऐतिहासिक और मजबूत संबंध हैं। हम हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं, और फलस्तीनी हितों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। हम फलस्तीनी राज्य को मान्यता देने वाले पहले गैर-अरब देश थे।' उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में प्रत्यक्ष सहायता और UNRWA जैसे संगठनों के साथ साझेदारी के माध्यम से फलस्तीनी लोगों की सहायता के लिए 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की मदद कर रहा है।

इस्राइल ने आरोपों से किया इनकार
इस बीच, इस्राइल ने गाजा को मानवीय सहायता की आपूर्ति पर कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा दिए गए बयानों को खारिज कर दिया। इस्राइली विदेश मंत्रालय ने इन संगठनों पर हमास के दुष्प्रचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इस्राइल ने कहा कि इस तरह के बयान युद्धविराम के लिए चल रही बातचीत को नुकसान पहुंचा रहे हैं।' इस्राइल के प्रतिनिधि ने कहा कि लगभग 4,500 ट्रक भोजन, आटा और बच्चों का खाना लेकर गाजा में प्रवेश कर चुके हैं। इस्राइल ने कहा कि 700 से ज़्यादा सहायता ट्रक वर्तमान में गाजा के अंदर हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा उठाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed