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Sri Lanka Crisis: श्रीलंका को भारत ने सौंपी 75 यात्री बसें, नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत पहले भी की मदद
Mon, 09 Jan 2023 04:48 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 09 Jan 2023 04:48 AM IST
सार
भारत ने इससे पहले भी श्रीलंका पुलिस को 125 एसयूवी सौंपीं थी। अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत भारत ने पिछले 12 महीनों में श्रीलंका को बहु-आयामी सहायता प्रदान की ताकि श्रीलंका को 1948 में मिली आजादी के बाद के अपने सबसे खराब आर्थिक और मानवीय संकट से निपटने में मदद मिल सके।
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sri lanka crisis, सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका को उभारने के लिए भारत ने एक बार फिर से मदद की हैं। यातायात संबंधित ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत ने श्रीलंका को 75 यात्री बसें दी हैं। श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि श्रीलंका को 500 बसें दी जा रही है, ताकि सार्वजनिक यातायात मजबूत हो सके। इसी कड़ी में श्रीलंका को भारतीय उच्चायुक्त ने परिवहन बोर्ड को ये बसें सौंपी हैं।
दिसंबर माह में सौंपी थी पुलिस को 125 एसयूवी
भारत ने दिसंबर माह में भी यातायात संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए श्रीलंका पुलिस को 125 एसयूवी सौंपीं थी। अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत भारत ने पिछले 12 महीनों में श्रीलंका को बहु-आयामी सहायता प्रदान की ताकि श्रीलंका को 1948 में मिली आजादी के बाद के अपने सबसे खराब आर्थिक और मानवीय संकट से निपटने में मदद मिल सके।
श्रीलंका पर कुल 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी कर्ज
सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी को दूर करने के लिए कम से कम 4 बिलियन अमरीकी डॉलर की आवश्यकता है। श्रीलंका पर कुल विदेश कर्ज 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
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नए साल पर श्रीलंका के राष्ट्रपति ने दिया देश को संकट से उभारने का संदेश
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने नए साल पर दिए संदेश में कहा कि हम नए साल 2023 को सबसे कठिन समय, अपार कठिनाइयों, साथ ही पिछले साल की अनिश्चितताओं और निराशा से गुजरने के बाद देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि हम सभी पर कितना बड़ा बोझ डाला गया और हममें से अधिकांश लोगों ने देश के दयनीय आर्थिक पतन के कारण जो झटके झेले हैं वे काफी चुनौतीपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि 2023 में हम अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बदलने की योजना बना रहे हैं। हर मोर्चे पर जमीनी स्तर से काम करेंगे। लोगों की समस्याओं को जानेंगे। वहीं वैश्विक स्तर पर रिश्ते सुधारने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि हमें आने वाले दशक में एक समृद्ध और उत्पादक श्रीलंका बनाने के लिए प्रस्तावित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सुधारों को साहसपूर्वक लागू करना होगा। आगे के रोडमैप की व्याख्या करते हुए, राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि देश का सबसे खराब वित्तीय संकट खत्म हो सकता है यदि हमसब एकजुट होकर इससे लड़े। विक्रमसिंघे ने नागरिकों को उनके धैर्य और साहस के लिए धन्यवाद दिया था।
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दिसंबर माह में सौंपी थी पुलिस को 125 एसयूवी
भारत ने दिसंबर माह में भी यातायात संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए श्रीलंका पुलिस को 125 एसयूवी सौंपीं थी। अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत भारत ने पिछले 12 महीनों में श्रीलंका को बहु-आयामी सहायता प्रदान की ताकि श्रीलंका को 1948 में मिली आजादी के बाद के अपने सबसे खराब आर्थिक और मानवीय संकट से निपटने में मदद मिल सके।
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श्रीलंका पर कुल 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी कर्ज
सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को विदेशी मुद्रा भंडार में भारी कमी को दूर करने के लिए कम से कम 4 बिलियन अमरीकी डॉलर की आवश्यकता है। श्रीलंका पर कुल विदेश कर्ज 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
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नए साल पर श्रीलंका के राष्ट्रपति ने दिया देश को संकट से उभारने का संदेश
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने नए साल पर दिए संदेश में कहा कि हम नए साल 2023 को सबसे कठिन समय, अपार कठिनाइयों, साथ ही पिछले साल की अनिश्चितताओं और निराशा से गुजरने के बाद देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि हम सभी पर कितना बड़ा बोझ डाला गया और हममें से अधिकांश लोगों ने देश के दयनीय आर्थिक पतन के कारण जो झटके झेले हैं वे काफी चुनौतीपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि 2023 में हम अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बदलने की योजना बना रहे हैं। हर मोर्चे पर जमीनी स्तर से काम करेंगे। लोगों की समस्याओं को जानेंगे। वहीं वैश्विक स्तर पर रिश्ते सुधारने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि हमें आने वाले दशक में एक समृद्ध और उत्पादक श्रीलंका बनाने के लिए प्रस्तावित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सुधारों को साहसपूर्वक लागू करना होगा। आगे के रोडमैप की व्याख्या करते हुए, राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि देश का सबसे खराब वित्तीय संकट खत्म हो सकता है यदि हमसब एकजुट होकर इससे लड़े। विक्रमसिंघे ने नागरिकों को उनके धैर्य और साहस के लिए धन्यवाद दिया था।