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भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा: अफगानिस्तान में बदली राजनीतिक स्थिति से पड़ोस में आतंकवाद का खतरा बढ़ा
Wed, 09 Feb 2022 11:11 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 09 Feb 2022 11:11 PM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अफगानिस्तान में बदली राजनीतिक स्थिति से अपने पड़ोस में बढ़े आतंकी खतरे का मुद्दा उठाया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि वर्तमान समय में अफगानिस्तान में आतंकवादी सबसे ज्यादा आजादी का आनंद ले रहे हैं।
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संयुक्त राष्ट्र
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि हम अपने पड़ोस में आतंकवाद के खतरे का लगातार उल्लेख करते रहे हैं। अफगानिस्तान की राजनीतिक स्थिति में बदलाव आने से सुरक्षा से संबंधित ये खतरे और गंभीर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने बुधवार को अलकायदा और आईएसआईएल-के साथ नजदीकी से काम करने वाले हक्कानी नेटवर्क को लेकर चिंताओं का उल्लेख करते हुए यह बात कही।
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'आतंकवादी गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा पर खतरा' विषय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की ब्रीफिंग के दौरान तिरुमूर्ति ने यह चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति और सुरक्षा को लेकर आईएसआईएल (दाएश) की ओर से बने खतरे को लेकर महासचिव की 14वीं रिपोर्ट यह भी बताती है कि तालिबान की ओर से कई कैदियों को रिहा किए जाने के बाद इनकी संख्या करीब दोगुनी हो गई है।
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उन्होंने कहा, महासचिव ने अपनी 12वीं रिपोर्ट में कहा था कि आईएसआईएल-के का नेता शहाब अल-मुहाजिर ने हक्कानी नेटवर्क के साथ पारिवारिक ताल्लुकात भी बना लिए हैं। तालिबान प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट भी बताती है कि हमारे (भारत के) पड़ोस में तालिबान के विशेष तौर पर हक्कानी नेटवर्क के जरिए अलकायदा और अन्य आतंकी संगठनों से संपर्क लगातार बने हुए हैं। यह सभी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
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