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India at UN: भारत ने पश्चिमी देशों को सुनाई खरी खोटी, कहा-अनाज का वितरण कोरोना के टीकों की तरह न हो

Thu, 19 May 2022 11:07 AM IST
अजय सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र। Published by: अजय सिंह Updated Thu, 19 May 2022 11:07 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र की ये बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत ने गेहूं की कमी के बीच बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने की कवायद में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।
 

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India at UN Food grains should not go the way of COVID vaccines
V Muraleedharan - फोटो : @VMBJP

विस्तार

भारत ने अनाज की जमाखोरी और वितरण में भेदभाव पर चिंता जताई है। बुधवार को पश्चिमी देशों से भारत ने आह्वान किया कि अनाज का बंटवारा कोरोना टीकों की तरह नहीं होना चाहिए। भारत ने कहा कि गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के उसके फैसले से यह सुनिश्चित होगा कि वह जरूरतमंद लोगों की जरूरतों को पूरा कर सकता है।

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विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि कम आय वाले विभिन्न वर्ग आज अनाज की बढ़ती कीमतों और उनकी पहुंच तक मुश्किल की दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यहां तक कि पर्याप्त भंडार वाले भारत जैसे देशों ने खाद्यान्न में अनुचित वृद्धि देखी है। यह साफ है कि जमाखोरी की जा रही है। हम इसे ऐसे ही चलने नहीं दे सकते। केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन ‘ग्लोबल फूड सिक्योरिटी कॉल टू एक्शन’ पर मंत्री स्तरीय बैठक में बोल रहे थे, जिसकी अध्यक्षता अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने की।
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भारत ने उच्च स्तरीय बैठक में संयुक्त राष्ट्र में पहली बार गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के मुद्दे पर अपनी बात रखी। मुरलीधरन ने कहा कि भारत सरकार गेहूं की वैश्विक कीमतों में अचानक आई वृद्धि को स्वीकार करती है, जिससे हमारी और हमारे पड़ोसियों तथा अन्य कमजोर देशों की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
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भारत ने पश्चिमी देशों से आह्वान किया और उन्हें आगाह किया कि अनाज का मुद्दा कोविड-19 रोधी टीकों की तरह नहीं होना चाहिए। अमीर देशों ने भारी संख्या में कोविड रोधी टीके खरीद लिए, जिसकी वजह से गरीब तथा कम विकासशील देश अपनी आबादी को पहली खुराक देने में भी जूझते नजर आए।


भारत ने कहा कि अफगानिस्तान में बिगड़ते मानवीय हालात के मद्देनजर भारत उसके लोगों को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं दान कर रहा है। केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन ने कहा कि हम श्रीलंका को भी मुश्किल दौर में खाद्य सहायता समेत और मदद दे रहे हैं।

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